By Malay Ojha | Published: 07 October 2026 at 06:11 PM
बिहार में घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। वित्तीय वर्ष के अंत में नेट मीटरिंग के तहत खाते में बच जाने वाली अतिरिक्त सौर बिजली का भी आर्थिक लाभ उपभोक्ताओं को देने का प्रस्ताव सामने आया है। इस संबंध में बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के सामने जरूरी बदलाव का मामला रखा गया है। BERC के रिकॉर्ड के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026 को अतिरिक्त बिजली के settlement और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए Feed-in Tariff से जुड़े मामले की सुनवाई तय थी।-
साल के अंत में बची बिजली पर नजर
मौजूदा नेट मीटरिंग व्यवस्था में घर का रूफटॉप सोलर प्लांट पहले घर की जरूरत पूरी करता है। इसके बाद बची बिजली ग्रिड में चली जाती है और उसका हिसाब बिजली बिल में किया जाता है। अगर किसी महीने सोलर से उत्पादन खपत से ज्यादा रहता है, तो अतिरिक्त बिजली का क्रेडिट आगे के महीनों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
अब अतिरिक्त बिजली का मिल सकता है आर्थिक लाभ
ऊर्जा विभाग चाहता है कि वित्तीय वर्ष के अंत में भी अगर किसी उपभोक्ता के खाते में अतिरिक्त सौर बिजली बची रह जाती है, तो उसे बेकार न जाने दिया जाए। प्रस्ताव के मुताबिक ऐसी बची हुई बिजली की खरीद की व्यवस्था की जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को अपनी अतिरिक्त बिजली के बदले आर्थिक लाभ मिलेगा। अंतिम व्यवस्था और दर का निर्धारण नियामकीय प्रक्रिया के तहत होगा। BERC में रूफटॉप सोलर से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था में बदलाव और अतिरिक्त बिजली के settlement पर मामला विचाराधीन है।
Rooftop Solar लगाने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन
इस बदलाव का मकसद घरों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना है। अगर सालभर में पैदा हुई अतिरिक्त बिजली का भी आर्थिक मूल्य मिलने लगे, तो लोगों के लिए सोलर प्लांट लगाना ज्यादा आकर्षक हो सकता है। बिहार सरकार भी PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत राज्य के आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्र की सहायता के अलावा अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दे चुकी है।
किसानों के लिए भी Solar से कमाई का रास्ता
बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की कोशिश सिर्फ घरेलू रूफटॉप सिस्टम तक सीमित नहीं है। PM-KUSUM योजना के तहत किसान अपनी जमीन पर ग्रिड से जुड़े सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं और तय प्रक्रिया के तहत स्थानीय DISCOM को बिजली बेच सकते हैं। केंद्र की योजना में किसानों के लिए 2 MW तक के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट का प्रावधान है।
Solar Power के विस्तार पर जोर
ऊर्जा विभाग का फोकस सोलर प्लांट लगाने से लेकर उसे ग्रिड से जोड़ने और बिजली की खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर है। राज्य में सरकारी भवनों की छतों पर भी ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने की योजना आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार ने 2025-26 से 2029-30 के बीच सरकारी भवनों पर 500 MW क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की मंजूरी दी है।
बिहार में सौर ऊर्जा को मिलेगी नई रफ्तार
अगर अतिरिक्त सौर बिजली के settlement को लेकर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इसका सीधा फायदा उन उपभोक्ताओं को हो सकता है जो अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली सोलर प्लांट से पैदा करते हैं। इससे घरों में रूफटॉप सोलर लगाने की रुचि बढ़ने के साथ बिहार में साफ और नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन भी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

