By Malay Ojha | Published: 17 October 2026 at 07:34 PM
93 साल की उम्र में पेशाब करने में परेशानी और जननांग पर बने घाव को मामूली समझना एक बुजुर्ग के लिए गंभीर हो सकता था। जांच के दौरान बायोप्सी रिपोर्ट में पेनिस कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सर्जरी कर कैंसर से प्रभावित अंग को निकाल दिया गया।
पेशाब में परेशानी के बाद कराई गई जांच
मरीज को पेशाब करने में दिक्कत हो रही थी। जननांग के अगले हिस्से में घाव भी बन गया था। इन लक्षणों की जांच कराई गई, जिसके बाद बायोप्सी में कैंसर का पता चला। रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने मरीज की उम्र और स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्जरी का फैसला लिया।
ऑपरेशन कर निकाला गया कैंसर प्रभावित अंग
सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के एमडी और वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार राजेश रंजन के मुताबिक, मरीज की स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान कैंसर से प्रभावित अंग को निकाल दिया गया। हालांकि, मरीज की सर्जरी के बाद की स्थिति और आगे के इलाज को लेकर अस्पताल की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
जननांग पर लंबे समय तक रहने वाले घाव को न करें नजरअंदाज
डॉ. राजेश रंजन ने कहा कि जननांग पर घाव होना, वहां असामान्य बदलाव दिखना या पेशाब करने में परेशानी होना ऐसे लक्षण हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर जब घाव लंबे समय तक ठीक न हो, तो यूरोलॉजिस्ट से जांच कराना जरूरी है।
समय पर जांच से बीमारी का पता लगाना संभव
डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे लक्षणों की समय पर जांच कराने से बीमारी की पहचान करने और उचित इलाज की योजना बनाने में मदद मिलती है। जननांग पर लगातार बने रहने वाले घाव या पेशाब से जुड़ी परेशानी होने पर खुद से इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
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