By Malay Ojha | Published: 17 June 2026 at 08:21 PM
फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा संदेश सामने आया। बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि यदि भारत पर किसी तरह का हमला होता है तो अमेरिका उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति अपने समर्थन को खुलकर जाहिर किया। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि किसी भी संकट की स्थिति में अमेरिका भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार रहेगा।
मोदी की नेतृत्व क्षमता की खुलकर सराहना
बैठक के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व शैली की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मोदी बाहर से बेहद शांत और संतुलित दिखाई देते हैं, लेकिन जब बातचीत या किसी मुद्दे पर चर्चा की बात आती है तो वह बेहद सख्त रुख अपनाते हैं। ट्रंप ने उन्हें मजबूत इच्छाशक्ति वाला नेता बताया।
वार्ता में सख्त, व्यक्तित्व में शांत
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देखने पर उनकी शालीनता और संयम नजर आता है, लेकिन किसी भी वार्ता में वह अपने देश के हितों को लेकर पूरी मजबूती से खड़े रहते हैं। ट्रंप ने कहा कि मोदी एक ऐसे नेता हैं जो बिना शोर मचाए अपने पक्ष को प्रभावी ढंग से रखते हैं।
भारतीय नाविकों की मौत पर जताया दुख
बैठक के दौरान खाड़ी क्षेत्र में हुई हालिया घटना का मुद्दा भी उठा। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान जान गंवाने वाले तीन भारतीय नाविकों के मामले पर ट्रंप ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद कठिन और संवेदनशील स्थिति है तथा अमेरिका इस मामले से जुड़े तथ्यों पर काम कर रहा है।
क्या बोले ट्रंप?
मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें भारतीय नाविकों की मौत की जानकारी मिली है और यह एक कठिन पेशा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित मामलों की समीक्षा की जा रही है। उनके इस बयान को भारत की चिंताओं को गंभीरता से लेने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मोदी को बताया मजबूत नेता
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह बेहद मजबूत नेता हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का व्यक्तित्व शांत दिखाई देता है, लेकिन निर्णय लेने और बातचीत करने के मामले में वह काफी प्रभावशाली हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि मोदी की नेतृत्व क्षमता ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई है।
‘मोदी की तरह नहीं हूं मैं’
बैठक के दौरान ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी की तरह शांत और संयमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का स्वभाव काफी संतुलित है और यही उनकी बड़ी ताकत है। ट्रंप की यह टिप्पणी बैठक के बाद चर्चा का विषय बन गई।
भारत के भविष्य को लेकर जताया भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में भी उसकी प्रगति जारी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएगा।
क्यों अहम मानी जा रही है यह मुलाकात?
जी-7 सम्मेलन के दौरान हुई यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और भू-राजनीतिक चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे माहौल में भारत और अमेरिका के शीर्ष नेताओं की बातचीत को रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात से दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती मिल सकती है।
दुनिया की नजर रही मोदी-ट्रंप बैठक पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात पर दुनिया भर की नजरें टिकी थीं। बैठक के बाद आए बयानों ने साफ संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। खासकर ट्रंप का भारत के समर्थन वाला बयान आने वाले समय में कूटनीतिक चर्चाओं का प्रमुख विषय बन सकता है।
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