By Malay Ojha | Published: 29 July 2026 at 02:02 PM
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने सरकार से कई सवाल किए। इसी दौरान उन्होंने एक छात्रा के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए ‘स्टूडेंट, ईडियट और अंधभक्त’ की तीन श्रेणियों का जिक्र किया। उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और सत्ता पक्ष ने ‘ईडियट’ शब्द को कार्यवाही से हटाने की मांग की।
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत छात्रों और युवाओं के मुद्दे से की। उन्होंने कहा कि सड़कों पर अगली पीढ़ी के युवाओं को जिस तरह अपनी भावनाएं जाहिर करते देखा, उससे उन्हें भरोसा मिला। उनके मुताबिक, युवाओं का यह प्रदर्शन गुस्से, हिंसा या नफरत का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि देश के भविष्य की पीढ़ी की भावनाओं का गहरा इजहार था।
बोले- सभी राजनीतिक दलों को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए
राहुल गांधी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी में उनके साथी अपने बच्चों से पूछें कि वे अपने भाई-बहनों के प्रदर्शन को किस नजर से देखते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का समर्थन ही मिलेगा। राहुल ने कहा कि जो कुछ हुआ, उसमें उन्हें कुछ भी गलत नहीं दिखाई देता और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।
छात्रा से बातचीत का राहुल गांधी ने किया जिक्र
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने बताया कि अगली पीढ़ी के भविष्य पर बोलने से पहले वह सोच रहे थे कि अपनी बात की शुरुआत किस तरह करें। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि छात्रों और युवतियों से बातचीत का अनुभव साझा करना सबसे बेहतर रहेगा। राहुल के मुताबिक, इन बातचीत ने उन्हें एक नया नजरिया दिया।
‘स्टूडेंट’ का मतलब क्या है? राहुल ने सुनाया छात्रा का जवाब
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने एक छात्रा से पूछा कि आखिर छात्र होने का मतलब क्या है। क्या इसका मतलब कॉलेज में पढ़ना है? क्या स्कूल में पढ़ना है या किताबें पढ़ना है? राहुल के अनुसार, छात्रा ने जवाब दिया कि छात्र वह है, जिसका दिमाग और दिल दोनों खुले हों।
छात्र वही, जो माने कि उसे सब कुछ नहीं पता
राहुल गांधी ने छात्रा के जवाब को आगे बढ़ाते हुए कहा कि उसके मुताबिक एक सच्चा छात्र शुरुआत से ही यह मानकर चलता है कि उसे सब कुछ नहीं पता। वह यह समझता है कि आगे मिलने वाली जानकारी से उसकी समझ और बड़ी हो सकती है। छात्र यह भी मानता है कि दुनिया और ज्ञान लगातार बदलते रहते हैं।
राहुल बोले- छात्र की सबसे बड़ी खूबी विनम्रता
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रा ने बातचीत के दौरान विनम्रता को छात्र का सबसे अहम मूल्य बताया। जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो छात्रा ने कहा कि छात्र जानता है कि उसे पूरा सच नहीं पता। इसलिए वह दूसरे लोगों के सच और उनके नजरिये का भी सम्मान करता है।
‘स्टूडेंट’ के बाद राहुल ने बताई दूसरी कैटेगरी
राहुल गांधी के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्होंने छात्रा से पूछा कि एक छात्र का लक्ष्य क्या होना चाहिए। जवाब में छात्रा ने कहा कि छात्र सच्चाई की तलाश करता है और सच को गर्व के साथ अपने साथ लेकर चलता है। इसके बाद राहुल ने दूसरी श्रेणी के बारे में पूछा। यहीं से उनके भाषण में ‘ईडियट’ शब्द का जिक्र आया।
‘अंधभक्त’ को लेकर राहुल गांधी ने कही ये बात
राहुल गांधी ने बताया कि छात्रा के अनुसार दूसरी श्रेणी का व्यक्ति एक ऐसी छवि बनाने की कोशिश करता है, जो वास्तविकता पर आधारित नहीं होती। इसके बाद राहुल ने तीसरी श्रेणी के बारे में पूछा और ‘अंधभक्त’ का जिक्र किया। उनके अनुसार, छात्रा ने जवाब दिया कि अंधभक्त वह व्यक्ति है, जिसे यह विश्वास हो जाता है कि दूसरा व्यक्ति भगवान है।
बयान पर सदन में शुरू हुआ हंगामा
राहुल गांधी के भाषण में ‘ईडियट’ शब्द के इस्तेमाल पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। सत्ता पक्ष की ओर से इस शब्द को संसद की कार्यवाही से हटाने की मांग की गई। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष छात्रों के प्रदर्शन और दिल्ली में पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से सवाल
विपक्ष दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े इस पूरे मामले पर सरकार को संसद में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है।
मानसून सत्र में लगातार हो रहा है हंगामा
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और 13 अगस्त तक चलने का कार्यक्रम है। इस दौरान कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के शुरुआती दिनों से ही कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े विवाद के अलावा कई दूसरे मुद्दों पर भी विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी
इसी सत्र में सरकार की ओर से प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की बात कही जा रही है। सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रस्ताव सामने आया है।
पेपर लीक करने वालों पर 10 साल तक की जेल का प्रस्ताव
प्रस्तावित प्रावधानों के तहत पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने वालों को पांच से दस साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा विपक्ष
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राहुल गांधी का लोकसभा में दिया गया भाषण राजनीतिक रूप से खासा चर्चा में आ गया है। एक तरफ उन्होंने छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक भावनाओं की अभिव्यक्ति बताया, तो दूसरी ओर छात्रा के साथ बातचीत का हवाला देते हुए ‘स्टूडेंट, ईडियट और अंधभक्त’ की अपनी व्याख्या रखी। इस टिप्पणी ने सदन में राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया।
राहुल गांधी के बयान से बढ़ा सियासी तापमान
संसद के मानसून सत्र में पहले से ही कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे में राहुल गांधी की यह टिप्पणी सदन के भीतर नए विवाद का कारण बन गई। अब देखना यह होगा कि इस बयान को लेकर आगे भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता है या मामला यहीं थम जाता है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

