By Malay Ojha | Published: 13 June 2026 at 10:21 AM
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। इस विवाद में अब कानपुर में तीन नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले पर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है और सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
कानपुर में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ पोस्टों को आधार बनाकर तीन लोगों को नामजद किया गया है। बताया जा रहा है कि इन पोस्टों में अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
अखिलेश यादव का तीखा बयान, सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग परिवार का दर्द नहीं समझते, वे दूसरों की पीड़ा भी नहीं समझ सकते। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि सत्ता में बैठे कुछ लोगों के पास अपना परिवार नहीं है, इसलिए वे परिवार के दुख को नहीं समझते।
‘परिवार का दर्द वही समझता है जिसके पास परिवार हो’
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि यह हमला इसलिए हो रहा है क्योंकि कुछ लोग पारिवारिक भावनाओं को समझ ही नहीं सकते। उनके अनुसार, परिवार के साथ रहने वाले ही परिवार की पीड़ा को महसूस कर सकते हैं, जबकि सत्ता में बैठे कुछ लोगों को इसकी समझ नहीं है।
सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पार्टी नेताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई जगहों पर सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ विरोध भी दर्ज कराया गया है।
ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया भी सामने आई
इस पूरे मामले पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ इस तरह की आपत्तिजनक पोस्ट करना बेहद शर्मनाक और गंभीर अपराध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को अपने व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बहस तेज, माहौल गर्माया
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। अलग-अलग राजनीतिक समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कई लोग इसे अभिव्यक्ति की सीमा का उल्लंघन बता रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक साजिश से जोड़ रहे हैं।

