By Malay Ojha | Published: 28 July 2026 at 09:18 PM
पटना: बिहार के 12 जिलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधीन संचालित बालिका आवासीय विद्यालयों को 72 स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराए हैं। कंपनी ने इस पहल पर 54 लाख रुपये खर्च किए हैं। इन स्मार्ट टीवी का इस्तेमाल छात्राओं की पढ़ाई को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए किया जाएगा।
एनबीपीडीसीएल की इस पहल के तहत 12 जिलों में स्थित पिछड़ा वर्ग बालिका आवासीय उच्च विद्यालयों को स्मार्ट टीवी दिए गए हैं। बोर्ड के स्वीकृत निर्णय के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय को छह-छह स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इन उपकरणों के जरिए छात्राओं को पढ़ाई से जुड़े डिजिटल संसाधनों का बेहतर लाभ मिल सकेगा और विद्यालयों में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
अररिया से बेगूसराय तक छात्राओं को मिलेगा फायदा
इस योजना का लाभ अररिया, पूर्णिया, समस्तीपुर, सिवान, गोपालगंज, दरभंगा, किशनगंज, सहरसा, सुपौल, खगड़िया, मधेपुरा और बेगूसराय जिले के विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को मिलेगा। इन विद्यालयों में स्मार्ट टीवी लगाए जाने के बाद शिक्षण सामग्री को दृश्य और डिजिटल माध्यम से छात्राओं तक पहुंचाना आसान होगा। इससे कक्षा में पढ़ाई को अधिक रोचक बनाने के साथ-साथ कठिन विषयों को समझाने में भी शिक्षकों को मदद मिल सकती है।
बोर्ड बैठक में लिया गया था फैसला
एनबीपीडीसीएल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस योजना को मंजूरी कंपनी की 158वीं बोर्ड बैठक में दी गई थी। यह बैठक 16 मार्च 2026 को आयोजित हुई थी। सीएसआर समिति की अनुशंसा के आधार पर बोर्ड ने बालिका विद्यालयों को स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना को आगे बढ़ाया गया।
छात्राओं की पढ़ाई में तकनीक का बढ़ेगा इस्तेमाल
स्मार्ट टीवी मिलने के बाद विद्यालयों में पढ़ाई का तरीका पहले की तुलना में अधिक तकनीक आधारित होने की उम्मीद है। शिक्षकों की ओर से विषय से जुड़ी दृश्य सामग्री, शैक्षणिक प्रस्तुतियां और अन्य डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कक्षा में किया जा सकता है। इससे छात्राओं को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय विषयों को अलग-अलग तरीकों से समझने का अवसर मिलेगा।
एनबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक ने क्या कहा
विद्यालय प्रतिनिधियों को स्मार्ट टीवी सौंपते हुए एनबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि कंपनी का काम केवल भरोसेमंद बिजली सेवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी की सीएसआर गतिविधियों के जरिए शिक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने पर लगातार काम किया जा रहा है।
वंचित वर्ग की छात्राओं को बेहतर सुविधा देने पर जोर
राहुल कुमार ने कहा कि सीएसआर के तहत की जा रही पहलों का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है। बालिका आवासीय विद्यालयों में स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराने की पहल भी इसी सोच का हिस्सा है। उनका मानना है कि तकनीक की मदद से छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए साधन मिलेंगे और उनके ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
12 जिलों के विद्यालयों में लगेंगे छह-छह स्मार्ट टीवी
इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित विद्यालय को छह स्मार्ट टीवी दिए गए हैं। यानी 12 विद्यालयों के लिए कुल 72 स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराए गए हैं। कंपनी ने इस पूरी पहल के लिए 54 लाख रुपये की राशि खर्च की है। योजना के तहत शामिल विद्यालय पिछड़ा वर्ग बालिका आवासीय उच्च विद्यालय हैं, जहां छात्राओं को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा दी जाती है।
डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिश
बिहार में सरकारी और आवासीय विद्यालयों में डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में स्मार्ट टीवी जैसे उपकरण शिक्षकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनके जरिए कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को चित्र, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री के माध्यम से समझाया जा सकता है। खासकर विज्ञान, गणित और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों को समझाने में इस तरह के संसाधन छात्राओं के सीखने के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं।
सीएसआर के जरिए शिक्षा पर बढ़ा फोकस
एनबीपीडीसीएल की यह पहल कंपनी की सीएसआर गतिविधियों में शिक्षा को दिए जा रहे महत्व को भी दिखाती है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि सामाजिक विकास से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य केवल संसाधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद वर्गों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर देना है। बालिका विद्यालयों में डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
छात्राओं के ज्ञान और कौशल विकास की उम्मीद
कंपनी के मुताबिक, स्मार्ट टीवी उपलब्ध होने से छात्राओं को पढ़ाई के दौरान तकनीक का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। इससे वे बदलते शैक्षणिक माहौल के साथ खुद को बेहतर तरीके से जोड़ सकेंगी। डिजिटल सामग्री के इस्तेमाल से उनकी विषय समझ मजबूत होने के साथ सीखने की रुचि भी बढ़ सकती है। एनबीपीडीसीएल को उम्मीद है कि यह पहल छात्राओं के शैक्षणिक और कौशल विकास में उपयोगी साबित होगी।
समावेशी विकास की दिशा में कदम
एनबीपीडीसीएल ने कहा है कि समाज के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाना उसकी सामाजिक जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। 12 जिलों के बालिका आवासीय विद्यालयों को स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराने की योजना के जरिए कंपनी ने शिक्षा और तकनीक को जोड़ने की कोशिश की है। आने वाले समय में इन विद्यालयों में स्मार्ट टीवी का इस्तेमाल छात्राओं को आधुनिक शिक्षण सामग्री से जोड़ने और कक्षा में पढ़ाई के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
बिहार की बेटियों के लिए डिजिटल शिक्षा का नया रास्ता
अररिया से लेकर बेगूसराय तक 12 जिलों के बालिका विद्यालयों में पहुंचने वाले ये 72 स्मार्ट टीवी छात्राओं के लिए पढ़ाई के नए अवसर खोल सकते हैं। 54 लाख रुपये की इस सीएसआर पहल के जरिए एनबीपीडीसीएल ने शिक्षा और डिजिटल संसाधनों को लेकर अपनी प्राथमिकता सामने रखी है। अब इन स्मार्ट टीवी का इस्तेमाल किस तरह और कितने प्रभावी तरीके से होता है, यह इस पहल की सफलता का सबसे अहम पहलू होगा।
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