By Malay Ojha | Published: 28 July 2026 at 10:25 PM
पटना के बेऊर जेल से मंगलवार शाम रिहा होने के बाद जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव सीधे अपनी मां राबड़ी देवी के कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास पहुंचे। यहां पहले से मौजूद उनके छोटे भाई और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से उनकी मुलाकात हुई। दोनों भाइयों की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ समय से उनके रिश्तों को लेकर लगातार सियासी चर्चाएं चल रही थीं।
रिहाई के बाद सीधे मां के घर पहुंचे तेज प्रताप
जेल से बाहर आने के बाद तेज प्रताप यादव का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे कौटिल्य नगर स्थित राबड़ी देवी के आवास के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचकर उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया। इसी दौरान तेजस्वी यादव से भी उनकी आमने-सामने मुलाकात हुई। दोनों भाइयों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।
दो महीने बाद आमने-सामने आए दोनों भाई
तेज प्रताप और तेजस्वी यादव की यह आमने-सामने की मुलाकात करीब दो महीने बाद हुई बताई जा रही है। इससे पहले मई में तेजस्वी यादव के बेटे इराज यादव के जन्मदिन के मौके पर परिवार के कई सदस्य गाजियाबाद में एक साथ जुटे थे। उस दौरान तेज प्रताप भी अपने भतीजे को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। हालांकि, मंगलवार को हुई मुलाकात इसलिए ज्यादा अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले तेज प्रताप की गिरफ्तारी के बाद तेजस्वी ने उनके समर्थन में सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था।
तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर तेजस्वी ने सरकार को घेरा था
तेज प्रताप यादव को पटना में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें अदालत के आदेश के बाद बेऊर जेल भेजा गया था। गिरफ्तारी के बाद तेजस्वी यादव ने राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर हमला बोला था और प्रदर्शनकारियों तथा गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग उठाई थी। उन्होंने सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। बाद के घटनाक्रम में तेज प्रताप मंगलवार को जेल से बाहर आ गए।
रिहाई के बाद मुलाकात ने बढ़ाई सियासी चर्चा
तेज प्रताप के जेल जाने के बाद तेजस्वी यादव का खुलकर उनके पक्ष में सामने आना और अब रिहाई के तुरंत बाद दोनों भाइयों की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या दोनों भाइयों के बीच बीते कुछ समय में पैदा हुई दूरी कम हो रही है? क्या परिवार के स्तर पर दोनों के बीच फिर से बातचीत का रास्ता खुल रहा है? फिलहाल इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, लेकिन दोनों की मुलाकात ने अटकलों को जरूर हवा दे दी है।
कभी दोनों भाइयों के बीच रिश्तों को लेकर हुई थी खूब चर्चा
तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के रिश्तों को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई तरह की चर्चाएं सामने आती रही हैं। परिवार और पार्टी से तेज प्रताप की दूरी बढ़ने के बाद दोनों भाइयों के राजनीतिक रास्ते भी अलग-अलग नजर आने लगे थे। तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई के करीबी नेताओं पर कई बार गंभीर आरोप लगाए और उन्हें लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जताई थी।
परिवार और राजद से अलग होने के बाद बनाई नई पार्टी
पिछले साल सोशल मीडिया पर निजी जीवन से जुड़ा एक विवादित पोस्ट सामने आने के बाद लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप यादव को परिवार और राजद से अलग करने का ऐलान किया था। इसके बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल के नाम से अपनी अलग पार्टी बनाई। बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने कुछ सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन चुनाव में उसे कोई सीट नहीं मिल सकी। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच दूरी की चर्चा भी लगातार होती रही।
तेज प्रताप की गिरफ्तारी ने बदला माहौल?
हालिया घटनाक्रम में एक दिलचस्प बदलाव यह देखने को मिला कि जिस समय तेज प्रताप जेल में थे, उस समय तेजस्वी यादव ने उनके मामले को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर अपना लिए। तेजस्वी ने अपने बड़े भाई की रिहाई को लेकर सरकार पर दबाव बनाया और आंदोलन की चेतावनी तक दी। इसके बाद अब तेज प्रताप के जेल से बाहर आते ही दोनों भाइयों की मुलाकात ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या परिवार के भीतर रिश्तों की पुरानी कड़वाहट धीरे-धीरे कम हो रही है।
राबड़ी देवी के घर हुई मुलाकात पर टिकी नजर
फिलहाल यह साफ नहीं है कि तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के बीच मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर बातचीत हुई। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों के बीच केवल पारिवारिक मुलाकात हुई या आने वाले दिनों की राजनीति को लेकर भी कोई चर्चा हुई। इतना जरूर है कि रिहाई के बाद तेज प्रताप का सबसे पहले मां राबड़ी देवी से मिलना और उसी दौरान तेजस्वी यादव से मुलाकात होना बिहार की राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है।
क्या दोनों भाइयों के बीच सच में घट रही दूरी?
तेज प्रताप और तेजस्वी की मुलाकात के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लालू परिवार के दोनों बेटों के बीच रिश्ते फिर सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं? फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन गिरफ्तारी के बाद तेजस्वी का अपने बड़े भाई के पक्ष में खुलकर बोलना और जेल से बाहर आने के बाद तेज प्रताप का सीधे परिवार के बीच पहुंचना, दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों भाइयों के रिश्ते और राजनीतिक रुख पर सबकी नजर रहेगी।
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