By Malay Ojha | Published: 10 June 2026 at 05:16 PM
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद सपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी नेता के परिवार, खासकर बेटियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। सपा नेताओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
मनोज काका ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने इस मामले को लेकर सामाजिक मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को टैग करते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए, लेकिन किसी की बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
फखरुल हसन चांद ने दी कानूनी लड़ाई की चेतावनी
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक बहस में जब कुछ लोग घिर जाते हैं तो व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने शीर्ष नेतृत्व और उनके परिवार के खिलाफ की जाने वाली अभद्र टिप्पणियों को लेकर अब चुप नहीं बैठेगी।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
फखरुल हसन चांद ने आरोप लगाया कि समाजवादी परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने की कोशिश पहले भी की जाती रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल में जिस तरह की टिप्पणियां सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, उसके पीछे राजनीतिक सोच काम कर रही है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
मुकदमा दर्ज कराने का ऐलान
सपा प्रवक्ता ने साफ कहा कि जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखी हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा और संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।
सांसद राजीव राय ने भी जताई नाराजगी
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक परिवार की बेटी के बारे में अशोभनीय टिप्पणियां करना राजनीति के सबसे निचले स्तर को दर्शाता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मामले के सामने आने के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
राजनीति से ऊपर है सामाजिक मर्यादा
सपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन परिवार और बेटियों को निशाना बनाना सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है। पार्टी का मानना है कि ऐसे मामलों में राजनीतिक पहचान से ऊपर उठकर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं का कहना है कि वे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का समर्थन नहीं करते और सोशल मीडिया पर की जा रही ऐसी गतिविधियां गलत हैं। फिलहाल पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो जांच के बाद संबंधित खातों की पहचान कर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ा सकती है।

