By aryavartalive | Published: 16 September 2026 at 07:52 PM
बिहार में पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी महिलाओं के लिए दोबारा शिक्षा से जुड़ने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। BBOSE, जीविका, एजुकेट गर्ल्स और प्रथम की साझी पहल के तहत जीविका दीदियों को 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सारण के सोनपुर में इस पहल को जमीन पर उतारने के लिए BBOSE के अधिकारियों ने जीविका दीदियों से संवाद किया।
इस पहल का फोकस उन महिलाओं पर है, जो किसी कारण से स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। BBOSE के जरिए उन्हें दोबारा 10वीं या 12वीं की परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। BBOSE की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बोर्ड सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर की परीक्षा कराता है और उसके प्रमाणपत्र दूसरे औपचारिक स्कूल बोर्डों के प्रमाणपत्रों के समान मान्यता रखते हैं।
सोनपुर में लाइब्रेरी को फैसिलिटेशन सेंटर बनाने की तैयारी
BBOSE के वरीय कार्यपालक पदाधिकारी मानस मिलिंद ने गोगल सिंह इंटर स्तरीय विद्यालय, नयागांव, सोनपुर में जीविका की ओर से संचालित लाइब्रेरी का जायजा लिया। यहां किताबों के साथ कंप्यूटर, इंटरनेट और अखबार की सुविधा उपलब्ध है। इन संसाधनों का इस्तेमाल जीविका दीदियों को BBOSE की पढ़ाई और नामांकन से जुड़ी जानकारी देने के लिए फैसिलिटेशन सेंटर के रूप में करने की योजना है।
जीविका दीदियों से सीधे किया संवाद
इसके बाद सिद्धि जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति, गोपालपुर, सोनपुर में जीविका दीदियों से बातचीत हुई। उन्हें BBOSE में नामांकन, परीक्षा की प्रक्रिया और 10वीं-12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे मिलने वाले अवसरों की जानकारी दी गई। महिलाओं ने भी शिक्षा से जुड़े अपने अनुभव और सवाल साझा किए।
अध्ययन केंद्र मजबूत करने पर जोर
इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा मीनू कुमारी से भी चर्चा की गई। जिले में पहले से चल रहे BBOSE अध्ययन केंद्रों को मजबूत करने और जरूरत के अनुसार नए केंद्र खोलने पर सुझाव दिए गए। अधिकारियों ने अधिक नामांकन और अध्ययन केंद्रों को बेहतर बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया।
16 से 30 सितंबर तक नामांकन का मौका
BBOSE की वेबसाइट के अनुसार दिसंबर 2026 परीक्षा सत्र के लिए 10वीं और 12वीं के नामांकन/पंजीयन की तारीख 16 से 30 सितंबर 2026 तक ₹300 विलंब शुल्क के साथ बढ़ाई गई है। बोर्ड की व्यवस्था में शिक्षार्थी खुद या अध्ययन केंद्र के माध्यम से नामांकन कर सकते हैं।
शिक्षा के साथ रोजगार के अवसरों पर भी नजर
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को आगे की पढ़ाई, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद करना है। जीविका पहले से स्वयं सहायता समूहों के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने पर काम कर रही है।
कई संस्थाओं की रही भागीदारी
कार्यक्रम में एजुकेट गर्ल्स के नीरज, प्रकाश सिंह और रितु देवी, प्रथम के प्रमोद शाह, सिद्धि जीविका के जितेंद्र कुमार और बीपीएम जीविका स्वाति की भागीदारी रही। सभी ने जीविका दीदियों को अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया।
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