By Malay Ojha | Published: 06 October 2026 at 04:03 PM
पटना के आईएमए हॉल में आयोजित भूमि एवं गांव बचाओ कन्वेंशन में किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बिहार के नए शहरी विकास और भूमि से जुड़े प्रावधानों का विरोध किया। कन्वेंशन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर सरकार से इन प्रावधानों को वापस लेने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांग नहीं मानी गई तो 26 नवंबर को किसान पटना कूच करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन ‘टिकैत’ के महासचिव युद्धवीर ने कहा कि किसानों ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। उनका आरोप है कि बिहार में बनाया गया नया कानून किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस तरह तीन कृषि कानून वापस लिए थे, उसी तरह बिहार सरकार को भी इस कानून को वापस लेना चाहिए।
‘न्याय पाने का रास्ता भी बंद’
युद्धवीर ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में किसानों के सामने अपनी जमीन और उस पर अपने अधिकार को लेकर कई तरह की पाबंदियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने इसे न्याय पाने के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि किसानों को अपनी जमीन के संबंध में अदालत जाने का रास्ता भी सीमित किया जा रहा है। उनके मुताबिक यह सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि गरीबों के हित से भी जुड़ा सवाल है।
सुधाकर सिंह बोले- लड़ाई तेज करनी होगी
कन्वेंशन में सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि जमीन का मुद्दा सीधे तौर पर किसानों की आजीविका से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्किल रेट और जमीन की कीमत तय करने की व्यवस्था में बदलाव के जरिए किसानों के कानूनी अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण और लैंड पुलिंग के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की जरूरत है।
‘शहर गांव उजाड़कर नहीं बस सकते’
दिनेश कुमार ने कहा कि बिहार कृषि और गांवों पर आधारित राज्य है। गांव और खेती को कमजोर करके शहरों का विकास करने की कोशिश सफल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी सुविधाओं का विस्तार गांवों और छोटे शहरों में किया जाए तो विकास का फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा।
किसानों ने 26 नवंबर को चुना
किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह ने 26 नवंबर को किसान आंदोलन के लिए अहम तारीख बताते हुए कहा कि इसी दिन 2020 में दिल्ली में किसान आंदोलन शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि अब इसी तारीख को बिहार के किसान पटना में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
कई किसान नेता हुए शामिल
कन्वेंशन की अध्यक्षता प्रो. आनंद किशोर, रामायण सिंह, यशवंत सिंह और जितेंद्र कुमार आर्य की संयुक्त अध्यक्षमंडली ने की। कार्यक्रम में देव कुमार, धनंजय कुमार मधु, शाश्वत, ओम प्रकाश मिश्रा, महेश महतो, जालंधर यदुवंशी, कमला प्रसाद शर्मा, राजकुमार सिंह, बृजेश राय, चंदन कुमार यादव, पुष्पराज, भोला यादव, अश्वनी चौबे, रामनरेश महतो, जगपति सिंह, डॉ. विनय कुमार, शिव शंकर चित्तू, सतीश कुमार, शैलेश राय, जवाहर निराला, मनीष कुमार और रमेश सिंह समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
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