By Malay Ojha | Published: 05 October 2026 at 04:08 PM
बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के चुनाव को लेकर जेडीयू में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद अब पार्टी के अंदर की पुरानी नाराजगी तक पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत के बाद माना कि जब उनके खिलाफ चुनाव के दौरान प्रचार किया जा रहा था, तब पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए थी। ललन सिंह ने इसे पार्टी नेतृत्व की चूक बताया।
अनंत सिंह ने रखी शिकायतों की लंबी लिस्ट
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह की कई शिकायतें हैं। उनका कहना है कि जब नीतीश कुमार की सरकार के सामने विश्वास मत की स्थिति बनी थी, तब जेडीयू के कई नेताओं ने उनसे सरकार के समर्थन की अपील की थी। नीतीश कुमार के प्रति सम्मान को देखते हुए उन्होंने सरकार के पक्ष में समर्थन दिया। बाद में उनके खिलाफ चुनाव के दौरान प्रचार हुआ, जिस पर पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
‘क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी’
ललन सिंह ने कहा कि अगर किसी तरफ से कोई क्रिया हुई है तो उसकी प्रतिक्रिया भी होगी। उन्होंने बताया कि अनंत सिंह ने पार्टी की बैठक में भी अपनी नाराजगी खुलकर रखी थी। उनका सवाल था कि जब वह जेडीयू के साथ थे और पार्टी के लिए खड़े हुए, तब उनके खिलाफ प्रचार करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
नीरज कुमार की भूमिका पर है नाराजगी
अनंत सिंह की सबसे बड़ी शिकायत नीरज कुमार को लेकर है। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने उनके खिलाफ अभियान चलाया और उनके विरोधियों के साथ मिलकर प्रचार किया। अनंत सिंह का कहना है कि ऐसे व्यक्ति के पक्ष में वह वोट मांगने की स्थिति में नहीं हैं। इस विवाद के कारण उन्होंने जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन दिया है।
नीतीश से मुलाकात के बाद ललन ने की बात
विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी जेडीयू ने ललन सिंह को दी थी। इसके बाद ललन सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और अनंत सिंह से भी बातचीत की। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से फोन पर बातचीत के बाद यह पहल आगे बढ़ी। ललन सिंह ने बताया कि उन्होंने अनंत सिंह से सार्वजनिक रूप से बयानबाजी नहीं करने की अपील की, जिस पर अनंत सिंह ने सहमति जताई है।
अनंत सिंह ने पूछा- तब पार्टी का अनुशासन कहां था?
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह का कहना है कि अगर उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था तो उस समय पार्टी नेतृत्व को अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए थी। उनका सवाल है कि जब उनके मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो अब उनसे पार्टी उम्मीदवार के समर्थन की उम्मीद क्यों की जा रही है। ललन सिंह ने भी माना कि उस समय कार्रवाई नहीं होना प्रदेश नेतृत्व की चूक थी।
नीरज के नामांकन से विवाद और गरमाया
पटना स्नातक सीट से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने 5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल कर दिया है। वहीं अनंत सिंह पहले ही उनके विरोध का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में ललन सिंह की यह टिप्पणी जेडीयू के भीतर चल रहे विवाद को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

