By Malay Ojha | Published: 30 September 2026 at 09:34 PM
बिहार में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने और सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन को मंजूरी दी गई। इसके तहत कुल 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। योजना के लिए ₹2,761.55 करोड़ के अनुदान को मंजूरी दी गई है।
सरकार के मुताबिक इस योजना का मकसद कृषि फीडरों के जरिए किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराना और सिंचाई में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना है। कुल मंजूर राशि में ₹2,714.25 करोड़ सोलर प्लांट के लिए अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। वहीं 946 विद्युत उपकेंद्रों में योजना लागू करने पर ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन के लिए ₹47.30 करोड़ दिए जाएंगे।
ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 को भी मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी। सरकार का लक्ष्य ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, इस्तेमाल और इससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना है। इससे राज्य में करीब ₹16 हजार करोड़ के निवेश की संभावना जताई गई है और लगभग 12 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पहले नीति के मसौदे को लेकर यही निवेश और रोजगार अनुमान बताया था।
ग्रीन एनर्जी में निवेश पर जोर
नई नीति के तहत ग्रीन हाइड्रोजन और उसके डेरिवेटिव से जुड़े प्रोजेक्ट को वित्तीय प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए अनुमानित वित्तीय प्रोत्साहन राशि ₹1,040.25 करोड़ बताई गई है। नीति के क्रियान्वयन में राज्य की नोडल एजेंसी BREDA की भूमिका रहेगी।
कैमूर-रोहतास के 21,644 घरों को बिजली
कैबिनेट ने कैमूर और रोहतास जिले की 177 बसावटों के 21,644 घरों तक ग्रिड से बिजली पहुंचाने के लिए संशोधित योजना को भी मंजूरी दी। RDSS के तहत इस परियोजना की संशोधित लागत ₹351.85 करोड़ है। योजना दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के क्षेत्र में लागू होगी।
सरकार ने बताया ऊर्जा बदलाव का रोडमैप
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन नीति से स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है। वहीं कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली मिलने और सिंचाई की लागत कम करने में मदद मिलने की बात कही गई है।
पहले से चल रहा है सोलराइजेशन का काम
बिहार सरकार पहले भी कृषि फीडरों के सोलराइजेशन और किसानों को दिन में बिजली देने पर जोर देती रही है। ऊर्जा विभाग के रिकॉर्ड में मुख्यमंत्री कृषि सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए राशि जारी किए जाने का उल्लेख है।
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