By Malay Ojha | Published: 30 July 2026 at 10:14 AM
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस की एक छापेमारी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। देवचा गांव में कथित बालू कारोबारी मीनार मंडल के दो मंजिला मकान की तलाशी के दौरान पुलिस को इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिला कि उसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए लोहे के पांच बड़े बक्से मंगाने पड़े। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद नकदी की रकम 20 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है और उसकी गिनती में काफी समय लगा।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घर से मिली नकदी की गिनती करना था। बताया गया कि कई बोरियों में नोट भरे हुए थे। रकम इतनी ज्यादा थी कि पुलिसकर्मियों के लिए हाथ से नोट गिनना संभव नहीं था। इसके बाद पांच नोट गिनने वाली मशीनें मंगाई गईं। कई घंटे तक चली गिनती के दौरान मशीनों के बीच-बीच में बंद होने की भी बात सामने आई। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, नकदी की गिनती और जब्त रकम का अंतिम आंकड़ा जांच के दौरान स्पष्ट किया जा रहा है।
सोने की 14 छड़ें और 10 बिस्कुट मिलने का दावा
पुलिस की तलाशी में नकदी के साथ बड़ी मात्रा में सोना भी मिलने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि घर से एक-एक किलो वजन की सोने की 14 छड़ें और 100-100 ग्राम के 10 सोने के बिस्कुट बरामद किए गए। कुल मिलाकर सोने का वजन करीब 15 किलो बताया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 21.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नकदी और सोने को घर से बाहर निकालकर सुरक्षित रखने के लिए पुलिस को पांच बड़े लोहे के बक्सों का सहारा लेना पड़ा।
पूर्व सरकारी बस चालक से कथित बालू कारोबारी तक का सफर
पुलिस के मुताबिक, मीनार मंडल पहले सरकारी बस चालक के तौर पर काम करता था। बाद में उसने नौकरी छोड़ दी और रिश्तेदार के पत्थर कारोबार से जुड़ गया। समय के साथ उसका कारोबार बढ़ता गया और पुलिस अब उसके कथित बालू और पत्थर कारोबार से जुड़े लेनदेन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बीरभूम में अवैध खनन और राजस्व चोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान मीनार मंडल से जुड़ी संपत्तियों और कथित गतिविधियों पर पुलिस की नजर गई थी।
मीनार मंडल उर्फ टुल्लू मंडल के नाम से भी पहचान
पुलिस के अनुसार, मीनार मंडल को टुल्लू मंडल और मोहम्मद नजीबुद्दीन के नाम से भी जाना जाता है। उसका दो मंजिला मकान बीरभूम के देवचा गांव में बताया गया है। इसी मकान पर पुलिस ने कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान मीनार मंडल और उसके बेटे को भी घर से हिरासत में लिया गया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद नकदी और सोने के अलावा कहीं और भी बड़ी रकम या कीमती सामान तो नहीं छिपाया गया है।
पत्थर कारोबार से जुड़े कथित नेटवर्क की भी जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, मीनार मंडल का बीरभूम के पत्थर कारोबार में कथित तौर पर बड़ा प्रभाव था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके कारोबार का दायरा कितना बड़ा था और बरामद नकदी व सोने का स्रोत क्या है। इसके साथ ही उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिनके साथ उसके कारोबारी संबंध रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब बीरभूम में अवैध बालू और पत्थर खनन के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। जिले में अवैध खनन और उससे जुड़े संगठित कारोबार को लेकर पहले भी कार्रवाई होती रही है।
मवेशी तस्करी मामले की जांच में भी सामने आया था नाम
मीनार मंडल का नाम पहले भी एक बड़े मवेशी तस्करी मामले की जांच के दौरान सामने आने की बात कही जाती रही है। बताया गया कि अगस्त 2022 में केंद्रीय जांच एजेंसी ने बीरभूम के मोहम्मद बाजार इलाके में उससे जुड़े कार्यालय, गोदाम और कुछ संपत्तियों की तलाशी ली थी। इसके बाद उसी साल नवंबर में प्रवर्तन निदेशालय ने उसे पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था। हालांकि, उसके खिलाफ पुराने मामलों की मौजूदा स्थिति और इस छापेमारी से उनके सीधे संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पूछताछ के बाद और ठिकानों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने मीनार मंडल और उसके बेटे को हिरासत में लेने के बाद उनसे कथित तौर पर दूसरे संभावित ठिकानों के बारे में पूछताछ की है। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि बरामद रकम और सोना कहां से आया और क्या यह किसी अवैध कारोबार से जुड़ा है। पुलिस बरामद संपत्ति के दस्तावेज और उसके कारोबारी लेनदेन की भी जांच कर सकती है।
बीरभूम में पहले भी बालू कारोबारियों के यहां मिल चुकी है बड़ी रकम
बीरभूम में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान इससे पहले भी पुलिस को नकदी और सोने की बरामदगी हुई है। मई 2026 में जिले में एक कथित बालू कारोबारी के घर और कार्यालय पर हुई कार्रवाई में करीब 49.75 लाख रुपये नकद और 500 ग्राम से ज्यादा सोने के आभूषण जब्त किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद अब मीनार मंडल के घर से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की नकदी और करीब 15 किलो सोना मिलने की कार्रवाई ने जिले में अवैध खनन से जुड़े कारोबार पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बरामदगी ने खड़े किए कई बड़े सवाल
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक पूर्व सरकारी बस चालक के घर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना कैसे पहुंचा। पुलिस इस संपत्ति के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। यदि जांच में बरामद रकम का संबंध अवैध खनन, बालू कारोबार या किसी दूसरे गैरकानूनी नेटवर्क से सामने आता है, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पुलिस की छापेमारी और बरामदगी ने बीरभूम के कथित अवैध खनन नेटवर्क को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

