By Malay Ojha | Published: 18 June 2026 at 09:10 AM
आज के समय में घर बनवाना आम आदमी के लिए सबसे महंगे कामों में गिना जाता है। निर्माण सामग्री और मजदूरी की बढ़ती कीमतों के बीच एक मंजिला घर तैयार करने में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। लेकिन अगर निर्माण के दौरान कुछ समझदारी भरे फैसले लिए जाएं, तो करीब 2 लाख रुपये तक की बचत संभव है। विशेषज्ञों के मुताबिक सही डिजाइन और सस्ते विकल्प अपनाकर 500 वर्गफीट का घर करीब 5 लाख रुपये में तैयार किया जा सकता है।
घर बनाने का सबसे बड़ा खर्च ढांचे पर आता है। आमतौर पर लोग बीम और कॉलम वाले फ्रेम स्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें सरिया, सीमेंट और रेत की खपत काफी ज्यादा होती है। यदि एक मंजिला मकान बनाना है, तो लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
क्या होता है लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर?
लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर में घर का पूरा भार दीवारें संभालती हैं। इस वजह से बीम और कॉलम की जरूरत काफी कम हो जाती है। नतीजतन सरिया, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री पर होने वाला खर्च भी घट जाता है। एक मंजिला मकान के लिए यह तरीका सुरक्षित और किफायती माना जाता है।
सरिया पर हो सकती है बड़ी बचत
फ्रेम स्ट्रक्चर वाले मकान में कुल लागत का बड़ा हिस्सा सरिया पर खर्च होता है। वहीं लोड बेअरिंग तकनीक अपनाने पर सरिये की जरूरत मुख्य रूप से छत और छज्जे तक सीमित रह जाती है। इससे निर्माण बजट में हजारों नहीं, बल्कि लाख रुपये तक की राहत मिल सकती है।
फ्लाई ऐश ईंटें बढ़ा रही हैं लोकप्रियता
घर निर्माण में फ्लाई ऐश ईंटों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ये सामान्य ईंटों की तुलना में सस्ती पड़ती हैं और इनकी सतह काफी चिकनी होती है। यही वजह है कि कई मामलों में प्लास्टर की जरूरत भी कम हो जाती है। सीधे पुट्टी और पेंट का काम किया जा सकता है, जिससे मजदूरी और सामग्री दोनों पर खर्च घटता है।
सीमेंट की खपत भी हो जाती है कम
विशेषज्ञों का मानना है कि लोड बेअरिंग डिजाइन अपनाने पर सीमेंट की खपत में भी अच्छी-खासी कमी आती है। यदि निर्माण के दौरान लगभग 50 बोरी सीमेंट कम इस्तेमाल होती है, तो मौजूदा कीमतों के हिसाब से हजारों रुपये की बचत संभव है। यही नहीं, रेत की जरूरत भी कम पड़ती है।
500 वर्गफीट घर का खर्च कितना?
अगर पारंपरिक तरीके से 500 वर्गफीट क्षेत्र में तीन कमरों का एक मंजिला मकान बनाया जाए, तो औसतन लागत करीब 7.5 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि यह आंकड़ा अलग-अलग इलाकों में सामग्री और मजदूरी की दरों के अनुसार बदल सकता है।
इस तरीके से 2 लाख रुपये तक बचाने का दावा
निर्माण विशेषज्ञों के अनुसार यदि लोड बेअरिंग स्ट्रक्चर, फ्लाई ऐश ईंटें और अन्य किफायती विकल्पों का इस्तेमाल किया जाए, तो कुल लागत में करीब 2 लाख रुपये तक की कमी लाई जा सकती है। ऐसे में 7.5 लाख रुपये का अनुमानित खर्च घटकर करीब 5 लाख रुपये या उससे भी कम हो सकता है।
दरवाजे और खिड़कियों में भी बचत का मौका
महंगी लकड़ी के बजाय कंक्रीट की चौखट या कम कीमत वाली मजबूत लकड़ी का इस्तेमाल करने से भी बजट नियंत्रित रखा जा सकता है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार डिजाइन तैयार करवाने से अनावश्यक खर्चों से बचा जा सकता है।
बाथरूम और टॉयलेट साथ बनाने का फायदा
निर्माण लागत कम करने के लिए बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ डिजाइन करना भी उपयोगी माना जाता है। इससे दीवार, सीमेंट, रेत और जगह की बचत होती है। छोटे प्लॉट में यह विकल्प काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
फर्श के लिए ये विकल्प पड़ेंगे सस्ते
यदि बजट सीमित है, तो महंगे पत्थर या मार्बल के बजाय सिरेमिक टाइल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सामग्री के साथ-साथ फिटिंग का खर्च भी कम आता है और घर का लुक भी आकर्षक बना रहता है।
क्या ध्यान रखना जरूरी है?
हालांकि किसी भी निर्माण तकनीक को अपनाने से पहले स्थानीय इंजीनियर या निर्माण विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। जमीन की स्थिति, मिट्टी की मजबूती और भविष्य में मंजिल बढ़ाने की योजना को ध्यान में रखकर ही अंतिम निर्णय लेना बेहतर रहेगा।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

