By Admin | Published: 12 June 2026 at 10:15 AM
भारतीय खेल जगत से शुक्रवार को बेहद दुखद खबर सामने आई। देश के दिग्गज निशानेबाज, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शक जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि विदेश से भारत लौटने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
जसपाल राणा के निधन की खबर सामने आते ही खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने इसे भारतीय निशानेबाजी के लिए बड़ी क्षति बताया है। राणा लंबे समय तक देश की निशानेबाजी टीम का अहम चेहरा रहे और बाद में कोच के रूप में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने में जुटे रहे।
यात्रा के दौरान बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार जसपाल राणा जर्मनी के म्यूनिख शहर से भारत लौट रहे थे। उड़ान के दौरान उन्हें असहज महसूस हुआ। विमान के राजधानी पहुंचने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू हुआ। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कोच के रूप में निभा रहे थे अहम भूमिका
प्रतियोगी निशानेबाजी से दूरी बनाने के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। वे देश की कई उभरती प्रतिभाओं को प्रशिक्षण दे रहे थे और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उनके मार्गदर्शन में कई निशानेबाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।
भारतीय निशानेबाजी का बड़ा नाम थे राणा
जसपाल राणा का नाम भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने शानदार करियर में उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया। उनकी उपलब्धियों ने देश में निशानेबाजी खेल को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने रहे
राणा केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी थे। खेल के प्रति उनका समर्पण, अनुशासन और संघर्ष की कहानी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनका योगदान आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।
मनु भाकर समेत कई खिलाड़ियों को दिया मार्गदर्शन
कोच के रूप में जसपाल राणा ने कई प्रमुख खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया। वे देश की शीर्ष निशानेबाजी प्रतिभाओं के साथ काम कर रहे थे और उनके अनुभव का लाभ युवा खिलाड़ी लगातार उठा रहे थे। उनके निधन से भारतीय निशानेबाजी को ऐसा नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई आसानी से नहीं की जा सकेगी।
उपलब्धियों से भरा रहा करियर
जसपाल राणा का खेल करियर कई यादगार उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए अनेक पदक जीते और देश को गौरवान्वित किया। खिलाड़ी से लेकर कोच तक का उनका सफर भारतीय खेल इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।
खेल जगत ने दी श्रद्धांजलि
उनके निधन के बाद खेल जगत से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने सामाजिक मंचों पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। भारतीय निशानेबाजी में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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