By aryavartalive | Published: 13 June 2026 at 10:45 AM
फोर्ड हॉस्पिटल में एक बेहद जटिल सर्जरी ने डॉक्टरों की विशेषज्ञता को नई पहचान दी है। शोभा कुमारी (बदला हुआ नाम) नाम की महिला मरीज का वजन 120 किलोग्राम था और उनके पेट के पहले ही चार ऑपरेशन हो चुके थे। इसके बावजूद डॉक्टरों ने दूरबीन तकनीक से गर्भाशय के फाइब्रॉयड की सफल सर्जरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुकी हैं।
फोर्ड हॉस्पिटल में भर्ती मरीज की स्थिति सामान्य नहीं थी। जांच में पाया गया कि उनके गर्भाशय में फाइब्रॉयड मौजूद था, जिसे निकालना जरूरी था। लेकिन मरीज का अधिक वजन और पहले से हो चुकी कई सर्जरी ने स्थिति को बेहद जटिल बना दिया था।
चार पुराने ऑपरेशन बने बड़ी चुनौती
डॉक्टरों के अनुसार मरीज की पहले तीन बार सीजेरियन डिलीवरी और एक बार ओवरी सिस्ट की सर्जरी हो चुकी थी। बार-बार ऑपरेशन होने के कारण पेट के अंदर चिपकाव और जटिलताएं बढ़ गई थीं, जिससे नई सर्जरी बेहद जोखिम भरी हो गई थी।
दूरबीन तकनीक से हुआ सफल ऑपरेशन
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिता सिंह, डॉ. जागृति भारद्वाज और डॉ. प्रभात रंजन की टीम ने दूरबीन विधि से सर्जरी की। इस तकनीक में छोटे छेद के जरिए ऑपरेशन किया जाता है, जिससे शरीर को कम नुकसान पहुंचता है।
कम दर्द और कम खून बहाव रहा खास फायदा
डॉक्टरों ने बताया कि दूरबीन तकनीक के इस्तेमाल से मरीज को सामान्य ऑपरेशन की तुलना में कम दर्द हुआ और रक्तस्राव भी काफी कम रहा। यही कारण रहा कि मरीज की स्थिति जल्दी स्थिर हो गई।
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर
सर्जरी के बाद मरीज की हालत लगातार बेहतर होती गई। डॉक्टरों की निगरानी में कुछ समय रखने के बाद उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल वह सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं।
डॉक्टरों ने बताया क्यों थी सर्जरी खास
डॉ. जागृति भारद्वाज ने बताया कि ऐसे मामलों में सर्जरी करना काफी जोखिम भरा होता है क्योंकि पहले के ऑपरेशन शरीर के अंदर की संरचना को बदल देते हैं। इसके बावजूद टीम ने सावधानी और अनुभव के साथ सफल ऑपरेशन किया।
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