By Malay Ojha | Published: 13 June 2026 at 11:39 AM
असम के जोरहाट स्थित वायुसेना स्टेशन पर शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भारतीय वायुसेना का एएन-32 परिवहन विमान उतरते समय हादसे का शिकार हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान एयरबेस पर लैंडिंग की प्रक्रिया में था, तभी यह दुर्घटना हुई। घटना के तुरंत बाद बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया गया है, जबकि वायुसेना ने विस्तृत जानकारी का इंतजार करने की बात कही है।
भारतीय वायुसेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हुआ एएन-32 परिवहन विमान जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान विमान हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मौके पर तुरंत शुरू हुआ राहत अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही एयरबेस के भीतर आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया। बचाव दल और तकनीकी टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं। विमान में मौजूद कर्मियों की स्थिति को लेकर फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है।
वायुसेना ने कहा- विस्तृत जानकारी का इंतजार
भारतीय वायुसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि दुर्घटना से जुड़ी और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। शुरुआती चरण में केवल इतना स्पष्ट है कि विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है एएन-32
एएन-32 भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण परिवहन विमान माना जाता है। इसका उपयोग सैनिकों, सैन्य उपकरणों और आवश्यक सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। विशेष रूप से दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में यह विमान लंबे समय से अहम भूमिका निभाता रहा है।
जोरहाट एयरबेस का सैन्य महत्व
असम का जोरहाट वायुसेना स्टेशन पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के प्रमुख ठिकानों में शामिल है। यह एयरबेस सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्वोत्तर राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों के संचालन में इसकी बड़ी भूमिका रहती है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर लैंडिंग के दौरान विमान हादसे का शिकार कैसे हुआ। दुर्घटना की वजह तकनीकी खराबी थी, मौसम संबंधी कोई समस्या थी या फिर कोई अन्य कारण, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। वायुसेना की ओर से आने वाली आधिकारिक रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

