By Malay Ojha | Published: 14 June 2026 at 10:20 PM
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तेल एवं रसायन टैंकर बोकेम मरेंगो पर ड्रोन हमला किया गया। राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं, हालांकि हमले में जहाज के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और जहाज को जांच के लिए संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह पहुंचाया गया है।
बताया जा रहा है कि हमला बारह और तेरह जून की दरमियानी रात उस समय हुआ जब टैंकर रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है। जहाज अमेरिकी सुरक्षा निगरानी व्यवस्था के तहत यात्रा कर रहा था, इसके बावजूद वह ड्रोन हमले का शिकार बन गया।
जहाज के किन हिस्सों को हुआ नुकसान
हमले के कारण जहाज के जल संतुलन से जुड़े टैंकों और कार्गो सेक्शन को क्षति पहुंची। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पोर्ट साइड के दो बैलास्ट टैंक और एक कार्गो टैंक प्रभावित हुआ। हालांकि नुकसान गंभीर होने के बावजूद जहाज को डूबने का खतरा नहीं हुआ और चालक दल ने स्थिति को नियंत्रित रखा। यही वजह रही कि टैंकर अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित
घटना के बाद सबसे बड़ी राहत की खबर यह रही कि चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ। जहाज का संचालन भारतीय नाविकों के हाथ में था और पूरी टीम ने आपात स्थिति में पेशेवर तरीके से काम किया। हमले की सूचना मिलते ही आपात प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया गया और संबंधित समुद्री एजेंसियों को अलर्ट भेजा गया।
फुजैराह पहुंचा टैंकर
हमले के बाद बोकेम मरेंगो धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा और अंततः फुजैराह पहुंच गया। यह बंदरगाह समुद्री जहाजों की मरम्मत और तकनीकी जांच के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। जहाज संचालक कंपनी ने विशेषज्ञों की एक टीम को मौके पर भेजा है जो नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
पहले भी निशाने पर आ चुके हैं भारतीय नाविक
यह पहली घटना नहीं है जब होर्मुज क्षेत्र में भारतीय नाविक खतरे में पड़े हों। हाल के महीनों में कई व्यापारी जहाजों पर हमले और समुद्री तनाव की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले भी भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ी थीं, जिसके बाद भारत ने संबंधित पक्षों के समक्ष अपनी चिंता दर्ज कराई थी।
दुनिया की नजर होर्मुज पर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव केवल स्थानीय देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़े तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

