By Malay Ojha | Published: 18 June 2026 at 08:31 PM
बिहार के बेगूसराय जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार एक महिला के प्राइवेट पार्ट से कारतूस, लकड़ी और कंकड़ निकाले जाने का दावा सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक और फॉरेंसिक तरीके से जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है।
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता का दोबारा बयान दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और महिला के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अस्पताल में जांच के दौरान सामने आया दावा
जानकारी के अनुसार, महिला को पहले घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआती इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। हालांकि कुछ दिनों बाद दर्द बढ़ने पर दोबारा जांच कराई गई। परिजनों का आरोप है कि अल्ट्रासाउंड और अन्य चिकित्सकीय जांच के दौरान महिला के शरीर से कारतूस, लकड़ी और कंकड़ जैसी वस्तुएं मिलीं, जिन्हें चिकित्सकों ने बाहर निकाला।
सिविल सर्जन ने क्या कहा?
मामले को लेकर बेगूसराय के सिविल सर्जन अशोक कुमार ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इस तरह की जानकारी मिली है। पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए महिला चिकित्सकों की एक विशेष टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
शौच के लिए निकली थी महिला
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना 11 जून की रात की है। वह घर से शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान पांच लोगों ने उसे जबरन पकड़ लिया और सुनसान स्थान पर ले गए। वहां उसके हाथ-पैर कपड़े से बांध दिए गए और बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया।
विरोध करने पर किया हमला
महिला का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर नुकीली वस्तु से कई बार हमला किया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी उसे उसी हालत में छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस पर भी उठे सवाल
पीड़िता के परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर थाना पहुंचे तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें डांटकर वापस भेज दिया गया।
पहले भी हो चुका था दुष्कर्म का प्रयास
परिवार का कहना है कि करीब तीन महीने पहले भी कुछ आरोपियों ने महिला के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की थी। उस समय भी पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि यदि पहले ही सख्त कदम उठाए गए होते तो यह घटना टाली जा सकती थी।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
बेगूसराय सदर के पुलिस उपाधीक्षक आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। कई दिनों बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जबकि पीड़िता अस्पताल में इलाजरत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा ही पीड़िता को न्याय दिला सकती है।
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