By Malay Ojha | Published: 22 June 2026 at 04:31 PM
ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि नए प्रधानमंत्री के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। स्टार्मर के इस फैसले के साथ ही लेबर पार्टी में नए नेता की तलाश शुरू हो गई है और देश में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए कीर स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने जो भी फैसले लिए, वे देश के हित को ध्यान में रखकर लिए गए थे। उन्होंने कहा कि वह अपने देश से बेहद प्यार करते हैं और इसी भावना के साथ पद छोड़ने का फैसला कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद ब्रिटेन की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
कई दिनों से लग रहे थे इस्तीफे के कयास
पिछले कुछ दिनों से लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के कारण स्टार्मर के इस्तीफे की चर्चा जोरों पर थी। पार्टी के कई सांसद नेतृत्व में बदलाव की मांग कर रहे थे। माना जा रहा था कि अगर समय रहते नेतृत्व परिवर्तन नहीं किया गया तो अगले आम चुनाव में पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दो साल पहले मिली थी ऐतिहासिक जीत
महज दो साल पहले कीर स्टार्मर ने लेबर पार्टी को शानदार जीत दिलाई थी। पार्टी ने भारी बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी की थी। उस वक्त स्टार्मर को ब्रिटेन की राजनीति में बदलाव का चेहरा माना जा रहा था, लेकिन सत्ता संभालने के बाद कई फैसलों ने उनकी सरकार को विवादों में ला दिया।
नीतिगत फैसलों ने बढ़ाई मुश्किलें
बुजुर्गों को मिलने वाली विंटर फ्यूल सहायता योजना से जुड़े फैसलों और कई नियुक्तियों को लेकर सरकार को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। खासकर वॉशिंगटन में पीटर मैंडेलसन को ब्रिटेन का राजदूत बनाए जाने के फैसले पर पार्टी के भीतर ही सवाल उठे। इन विवादों ने स्टार्मर की नेतृत्व क्षमता पर लगातार दबाव बढ़ाया।
गिरती लोकप्रियता बनी चिंता की वजह
हाल के जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, कीर स्टार्मर की व्यक्तिगत लोकप्रियता भी पहले की तुलना में काफी कम हुई। कई सांसदों को डर था कि अगर यही स्थिति जारी रही तो अगले चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है।
नाइजल फैराज के उभार का भी बढ़ा डर
लेबर पार्टी के कई नेताओं का मानना था कि नेतृत्व संकट का फायदा ‘रिफॉर्म यूके’ के नेता नाइजल फैराज को मिल सकता है। पार्टी के भीतर यह आशंका भी जताई गई कि अगर जल्द बदलाव नहीं हुआ तो ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा समीकरण बदल सकता है।
नए प्रधानमंत्री की दौड़ में कौन आगे?
कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री की रेस तेज हो गई है। इस दौड़ में एंडी बर्नहम का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। हाल ही में उन्होंने उत्तर इंग्लैंड की मेकरफील्ड सीट के उपचुनाव में जीत दर्ज की है, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई है।
वेस स्ट्रीटिंग भी ठोक सकते हैं दावा
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी नेतृत्व की दौड़ में उतरने की इच्छा जताई है। हालांकि पार्टी के भीतर उनके समर्थन को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। कई सांसद ऐसे नेता के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं, जिसकी जीत की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।
कैसे चुना जाएगा नया नेता?
लेबर पार्टी के नियमों के मुताबिक नेतृत्व की दौड़ में उतरने के लिए पार्टी के कम से कम 20 प्रतिशत सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। मौजूदा स्थिति में किसी भी दावेदार को लगभग 81 सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा।
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