By Malay Ojha | Published: 02 July 2026 at 11:50 AM
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सात परिवारों की खुशियां छीन लीं। शहर के दक्षिण तालुक के मादापट्टना इलाके में स्थित एक पत्थर की खदान में अचानक करीब 40 फीट ऊंची विशाल चट्टान ढह गई। हादसे के समय मजदूर खदान में काम कर रहे थे। चट्टान के नीचे दबने से बिहार के रहने वाले सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह उस समय हुआ जब मजदूर रोज की तरह पत्थर तोड़ने और खुदाई का काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खदान में करीब 18 मजदूर मौजूद थे। अचानक तेज आवाज के साथ एक विशाल चट्टान ऊपर से टूटकर नीचे आ गिरी। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
मौके पर ही चली गई सात मजदूरों की जान
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई घंटों तक मलबा हटाने का काम चलता रहा। बचाव दल ने सात मजदूरों के शव बाहर निकाले। पुलिस ने पुष्टि की है कि सभी मृतक बिहार के रहने वाले दिहाड़ी मजदूर थे, जो स्टोन क्रशर साइट पर काम कर अपनी रोजी-रोटी चला रहे थे।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
इस हादसे में कई अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने अभी घायलों की अंतिम संख्या जारी नहीं की है, क्योंकि राहत अभियान के दौरान लगातार स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
पूरे इलाके को किया गया सील
हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे खदान क्षेत्र को सील कर दिया है। बचाव दल मलबा हटाकर यह सुनिश्चित कर रहा है कि कहीं कोई और मजदूर अंदर फंसा तो नहीं है। भारी मशीनों की मदद से राहत कार्य लगातार जारी है और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
इतने बड़े हादसे के बाद खदान में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चट्टान अचानक क्यों गिरी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या खदान संचालकों ने सुरक्षा नियमों का पालन किया था या फिर किसी तरह की लापरवाही हादसे की वजह बनी।
मृतकों के परिवारों तक पहुंचाई जा रही सूचना
पुलिस ने बताया कि सभी मृतक बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे। स्थानीय प्रशासन उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है ताकि हादसे की जानकारी दी जा सके। शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें उनके घर भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
मामला दर्ज, जांच शुरू
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू की जांच होगी। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राहत-बचाव अभियान और जांच दोनों साथ-साथ जारी हैं।
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