By Malay Ojha | Published: 26 June 2026 at 10:08 AM
मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच हालात एक बार फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर हमला कर दिया है। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने इलाके में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपनी योजना फिलहाल रोक दी है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कुछ घंटे पहले ही ईरान ने चेतावनी दी थी कि तेहरान की मंजूरी के बिना कोई भी जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल न करे।
संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने कहा कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था। हालांकि इस घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एजेंसी का कहना है कि जब तक इलाके में मौजूद जहाजों की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक निकासी अभियान आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल है होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस दुनिया के कई देशों तक पहुंचती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका ने ईरान को दी सख्त चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा था, लेकिन अब उसने इस दिशा में आगे नहीं बढ़ने पर सहमति जताई है। ट्रंप ने कहा कि हालात बेहद संवेदनशील हैं और दुनिया को सतर्क रहने की जरूरत है।
होर्मुज में टोल लगाने की बात पर भड़का अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का शुल्क या टोल लगाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ऐसा करता है तो दुनिया के अन्य देश भी महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर शुल्क वसूलना शुरू कर सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार में भारी अव्यवस्था फैल जाएगी।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका युद्ध खत्म करने के लिए समझौता चाहता है, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं।
ईरान ने इजरायल को भी दी चेतावनी
तनाव के बीच ईरान ने इजरायल को भी कड़ी चेतावनी दी है। तेहरान ने कहा है कि अगर इजरायल ने लेबनान से पीछे हटने का फैसला नहीं किया तो उसे “शर्मनाक हार” का सामना करना पड़ सकता है। इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी प्रस्ताव को ईरान ने किया खारिज
ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरान की अनफ्रीज की गई संपत्तियों का इस्तेमाल अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने में किया जा सकता है।
ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका दशकों से अविश्वास का माहौल बनाता रहा है और अब उसी का परिणाम सामने आ रहा है।
जहाजों ने बदला रास्ता, बढ़ी चिंता
ब्रिटेन के एक नौसैनिक निगरानी समूह के अनुसार, हमले के बाद कई मालवाहक जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया। इससे तेल और गैस की सप्लाई को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी खुला है, लेकिन वहां हालात बेहद अनिश्चित बने हुए हैं।
क्या दुनिया फिर बड़े संकट की ओर बढ़ रही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज में तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की कीमतों से लेकर वैश्विक व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था तक इसकी मार पड़ सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ईरान, अमेरिका और इजरायल के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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