By Malay Ojha | Published: 10 August 2026 at 06:54 PM
पटना: स्वतंत्रता दिवस से पहले पटना में सोमवार को निकली तिरंगा यात्रा में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे। इस दौरान डॉ. सुमन ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति को लेकर अपना संदेश दिया और बिहार के लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर घर-घर तिरंगा फहराने की अपील की।
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि तिरंगा सिर्फ देश का झंडा नहीं है, बल्कि भारत की आजादी, उसके गौरव और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा प्रतीक है। उनके मुताबिक, तिरंगे के साथ सड़क पर निकलना हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास होने वाली ऐसी यात्राएं लोगों को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाती हैं।
मुख्यमंत्री के साथ यात्रा में हुए शामिल
पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा को लेकर शहर में सुरक्षा और यातायात के भी विशेष इंतजाम किए गए थे। यात्रा में शामिल डॉ. सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उन्हें विशेष गौरव महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनके जरिए समाज में देश के प्रति जिम्मेदारी और एकता की भावना मजबूत होनी चाहिए।
जाति-धर्म से ऊपर एक भारत का संदेश
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि तिरंगा हर भारतीय को यह संदेश देता है कि देश सबसे पहले है। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और तिरंगा जाति, धर्म, भाषा तथा क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर एक भारत की भावना को मजबूत करता है। उनके अनुसार, देश की तरक्की तभी संभव है जब लोग आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें।
बिहार के योगदान को भी किया याद
डॉ. सुमन ने बिहार के इतिहास और देश निर्माण में राज्य की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी के बाद देश के विकास तक बिहार के लोगों ने लगातार महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बिहार की जनता राष्ट्रहित और राष्ट्रीय एकता के प्रति हमेशा सजग रही है। उन्होंने कहा कि आज भी राज्य के लोग देश के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं और आने वाली पीढ़ी को भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
नई पीढ़ी के लिए क्यों जरूरी है तिरंगा यात्रा?
संतोष सुमन ने कहा कि आज के दौर में नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से जोड़ना बेहद जरूरी है। तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रम युवाओं और बच्चों को यह समझाने का माध्यम बन सकते हैं कि देश की आजादी आसानी से हासिल नहीं हुई थी। इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष और बलिदान रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को केवल किसी खास दिन तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। तिरंगे के प्रति सम्मान हमारे रोजमर्रा के जीवन में भी दिखाई देना चाहिए। देश के संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी राष्ट्रभक्ति का ही हिस्सा है।
हर घर तिरंगा को जनअभियान बनाने की अपील
डॉ. सुमन ने बिहार के लोगों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान को सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसे देश के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और भागीदारी से जोड़ने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जब बड़ी संख्या में लोग अपने घरों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराते हैं तो इससे देश के प्रति जुड़ाव की भावना मजबूत होती है। खासकर बच्चों और युवाओं को ऐसे आयोजनों में शामिल करना जरूरी है, ताकि उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना और मजबूत हो सके।
विकसित भारत के संकल्प पर दिया जोर
संतोष कुमार सुमन ने बिहारवासियों से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक मेल-जोल को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब सिर्फ विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत का निर्माण भी है जहां हर नागरिक को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के साथ देश को आगे ले जाने का संकल्प भी लिया जाए। उनका कहना है कि समाज में भाईचारा, आपसी सम्मान और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी तो देश विकास की राह पर और तेजी से आगे बढ़ेगा।
पटना में दिखा देशभक्ति का माहौल
स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले पटना में निकली तिरंगा यात्रा के दौरान शहर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा को लेकर प्रशासन ने भी व्यापक तैयारियां की थीं। यात्रा के दौरान लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए थे।
तिरंगा यात्रा के जरिए सरकार और इसमें शामिल नेताओं ने स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। डॉ. संतोष कुमार सुमन ने भी इसी क्रम में बिहार के लोगों से तिरंगे के सम्मान के साथ देश की एकता और विकास के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
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