By Malay Ojha | Published: 02 July 2026 at 12:24 PM
बिना मोबाइल नंबर बताए बातचीत करने की सुविधा देने वाला व्हाट्सऐप का नया यूजरनेम फीचर अभी लॉन्च भी नहीं हुआ है, लेकिन उस पर विवाद शुरू हो गया है। भारत सरकार ने इस फीचर को लेकर मेटा से जवाब मांगा है और आशंका जताई है कि अगर इसे बिना मजबूत सुरक्षा इंतजामों के लागू किया गया तो डिजिटल ठगी, फिशिंग और फर्जी पहचान बनाकर लोगों को निशाना बनाने जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार की चिंता के बाद व्हाट्सऐप ने पहली बार इस फीचर से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब सार्वजनिक किए हैं।
केंद्र सरकार का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति किसी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या किसी मशहूर व्यक्ति जैसी पहचान बनाकर लोगों से संपर्क करेगा तो आम लोग आसानी से उसके झांसे में आ सकते हैं। इसी वजह से सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस भेजकर इस फीचर को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है। सरकार ने कंपनी से सुरक्षा व्यवस्था और संभावित जोखिमों पर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।
व्हाट्सऐप ने क्या दिया जवाब?
सरकार की चिंता सामने आने के बाद व्हाट्सऐप ने साफ किया है कि यूजरनेम फीचर को कई सुरक्षा परतों के साथ तैयार किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इसका मकसद लोगों की निजता बढ़ाना है, ताकि हर बार किसी से बातचीत शुरू करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत न पड़े।
यूजरनेम बनाना पूरी तरह आपकी मर्जी होगी
व्हाट्सऐप ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपयोगकर्ता पर यूजरनेम बनाने की कोई बाध्यता नहीं होगी। अगर कोई व्यक्ति केवल अपने मोबाइल नंबर के जरिए ही ऐप इस्तेमाल करना चाहता है तो वह पहले की तरह ऐसा कर सकेगा। यानी यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक रहेगी।
क्या कोई भी आपका यूजरनेम खोज सकेगा?
कई लोगों के मन में सवाल है कि अगर यूजरनेम मिल गया तो क्या कोई भी उसे खोजकर सीधे संदेश भेज सकेगा। कंपनी ने इस आशंका को खारिज करते हुए कहा है कि यूजरनेम सार्वजनिक खोज के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। जब तक कोई व्यक्ति खुद अपना यूजरनेम साझा नहीं करेगा, तब तक कोई अनजान व्यक्ति केवल नाम के आधार पर उससे संपर्क नहीं कर पाएगा।
सुरक्षा के लिए मिलेगा अतिरिक्त सुरक्षा स्तर
व्हाट्सऐप इस फीचर के साथ एक अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी जोड़ रहा है। यदि किसी को आपका यूजरनेम पता भी चल जाए, तब भी सीधे बातचीत शुरू करना आसान नहीं होगा। इसके लिए एक अलग सुरक्षा प्रणाली लागू रहेगी, जिसे जरूरत पड़ने पर उपयोगकर्ता बदल या रीसेट भी कर सकेगा। इससे अनचाहे संदेशों पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
मशहूर लोगों के नाम कोई नहीं ले सकेगा
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री, बड़े नेता, सरकारी संस्थाएं, मशहूर हस्तियां और पहले से सत्यापित खातों के नाम सुरक्षित रखे जाएंगे। यानी कोई सामान्य उपयोगकर्ता किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम से यूजरनेम बनाकर लोगों को गुमराह नहीं कर सकेगा। जिन लोगों के पास पहले से फेसबुक या इंस्टाग्राम पर सत्यापित नाम हैं, वे चाहें तो वही नाम व्हाट्सऐप पर भी सुरक्षित रख सकेंगे।
अनजान संदेश आने पर मिलेगा सुरक्षा अलर्ट
व्हाट्सऐप का कहना है कि जब किसी अनजान यूजरनेम से पहली बार संदेश आएगा, तब उपयोगकर्ता को पहले ही चेतावनी दिखाई जाएगी। इस दौरान संदेश भेजने वाले के खाते से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी भी स्क्रीन पर दिखाई जाएगी। साथ ही उसी समय ब्लॉक और रिपोर्ट करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, ताकि संदिग्ध खातों की तुरंत शिकायत की जा सके।
इस साल के अंत तक शुरू हो सकता है फीचर
कंपनी के मुताबिक यूजरनेम फीचर को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि साल के अंत तक अधिकतर उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा मिलने लगेगी। हालांकि सरकार की ओर से उठाए गए सवालों के बाद इसकी शुरुआत की समयसीमा पर अंतिम फैसला कंपनी और संबंधित एजेंसियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
क्या बदल जाएगी व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने की आदत?
अगर यह फीचर सभी सुरक्षा उपायों के साथ लागू होता है तो उपयोगकर्ताओं को हर बार अपना मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे निजता बेहतर होगी, लेकिन दूसरी ओर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगने की आशंका भी बनी रहेगी। यही वजह है कि सरकार और कंपनी दोनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं।
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