Friday, July 3, 2026

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झारखंड की नकली शराब फैक्ट्री से पूर्व आरजेडी एमएलसी गिरफ्तार, अब बिहार में भी बड़े नेटवर्क की तलाश शुरू

By Malay Ojha | Published: 03 July 2026 at 11:04 AM

झारखंड में नकली विदेशी शराब बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधान परिषद सदस्य सुबोध राय को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद अब बिहार पुलिस भी सक्रिय हो गई है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस फैक्ट्री से राज्य के किन-किन जिलों तक अवैध शराब पहुंचाई जाती थी।

रांची जिले के ओरमांझी इलाके में चल रही एक कथित अवैध शराब फैक्ट्री पर झारखंड पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली विदेशी शराब जब्त की। इस कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से जुड़े कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें बिहार के वैशाली निवासी और पूर्व आरजेडी एमएलसी सुबोध राय भी शामिल हैं। पुलिस ने उनके निजी चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत को भी गिरफ्तार किया है।

फैक्ट्री में कैसे चल रहा था पूरा खेल?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में कम गुणवत्ता वाली शराब तैयार की जाती थी। इसके बाद उस पर मशहूर विदेशी शराब कंपनियों जैसे दिखने वाले नकली लेबल लगाए जाते थे। पुलिस का कहना है कि बोतलों पर “केवल उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए” जैसी जानकारी छापी जाती थी, ताकि सप्लाई के दौरान किसी को आसानी से शक न हो। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह शराब कई राज्यों तक पहुंचाई जा रही थी और शराबबंदी वाले बिहार में भी इसकी तस्करी की जाती थी।

सुबोध राय कौन हैं?
सुबोध राय का नाम बिहार की राजनीति में नया नहीं है। वे वर्ष 2016 से 2022 तक वैशाली क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद सदस्य रहे। पार्टी नेतृत्व से उनके करीबी संबंध बताए जाते रहे हैं। हालांकि वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब नकली शराब मामले में गिरफ्तारी के बाद उनका नाम एक बार फिर चर्चा में है।

पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया है कि इसी फैक्ट्री पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। वर्ष 2023 में पुलिस ने यहां छापा मारकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी। उस समय फैक्ट्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उसका संचालन बंद कराया गया था। लेकिन शुरुआती जांच के मुताबिक कुछ समय बाद यहां फिर से शराब बनाने और पैकिंग का काम शुरू कर दिया गया।

अब बिहार पुलिस भी कर रही जांच
झारखंड में हुई इस कार्रवाई के बाद बिहार पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बताया कि सुबोध राय से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि झारखंड से बिहार तक शराब तस्करी का नेटवर्क किस तरह काम करता था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही है।

किन जिलों तक पहुंचती थी शराब, होगी पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच का सबसे बड़ा हिस्सा यह पता लगाना है कि इस फैक्ट्री से तैयार शराब बिहार के किन-किन जिलों तक भेजी जाती थी। यदि जांच में किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।

जांच के बाद और खुलासों की उम्मीद
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद शराब तस्करी से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस फैक्ट्री के दस्तावेज, सप्लाई से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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झारखंड की नकली शराब फैक्ट्री से पूर्व आरजेडी एमएलसी गिरफ्तार, अब बिहार में भी बड़े नेटवर्क की तलाश शुरू

By Malay Ojha | Published: 03 July 2026 at 11:04 AM

झारखंड में नकली विदेशी शराब बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधान परिषद सदस्य सुबोध राय को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद अब बिहार पुलिस भी सक्रिय हो गई है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस फैक्ट्री से राज्य के किन-किन जिलों तक अवैध शराब पहुंचाई जाती थी।

रांची जिले के ओरमांझी इलाके में चल रही एक कथित अवैध शराब फैक्ट्री पर झारखंड पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली विदेशी शराब जब्त की। इस कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से जुड़े कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें बिहार के वैशाली निवासी और पूर्व आरजेडी एमएलसी सुबोध राय भी शामिल हैं। पुलिस ने उनके निजी चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत को भी गिरफ्तार किया है।

फैक्ट्री में कैसे चल रहा था पूरा खेल?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में कम गुणवत्ता वाली शराब तैयार की जाती थी। इसके बाद उस पर मशहूर विदेशी शराब कंपनियों जैसे दिखने वाले नकली लेबल लगाए जाते थे। पुलिस का कहना है कि बोतलों पर “केवल उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए” जैसी जानकारी छापी जाती थी, ताकि सप्लाई के दौरान किसी को आसानी से शक न हो। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह शराब कई राज्यों तक पहुंचाई जा रही थी और शराबबंदी वाले बिहार में भी इसकी तस्करी की जाती थी।

सुबोध राय कौन हैं?
सुबोध राय का नाम बिहार की राजनीति में नया नहीं है। वे वर्ष 2016 से 2022 तक वैशाली क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद सदस्य रहे। पार्टी नेतृत्व से उनके करीबी संबंध बताए जाते रहे हैं। हालांकि वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब नकली शराब मामले में गिरफ्तारी के बाद उनका नाम एक बार फिर चर्चा में है।

पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया है कि इसी फैक्ट्री पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी थी। वर्ष 2023 में पुलिस ने यहां छापा मारकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी। उस समय फैक्ट्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उसका संचालन बंद कराया गया था। लेकिन शुरुआती जांच के मुताबिक कुछ समय बाद यहां फिर से शराब बनाने और पैकिंग का काम शुरू कर दिया गया।

अब बिहार पुलिस भी कर रही जांच
झारखंड में हुई इस कार्रवाई के बाद बिहार पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बताया कि सुबोध राय से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि झारखंड से बिहार तक शराब तस्करी का नेटवर्क किस तरह काम करता था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही है।

किन जिलों तक पहुंचती थी शराब, होगी पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच का सबसे बड़ा हिस्सा यह पता लगाना है कि इस फैक्ट्री से तैयार शराब बिहार के किन-किन जिलों तक भेजी जाती थी। यदि जांच में किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।

जांच के बाद और खुलासों की उम्मीद
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद शराब तस्करी से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस फैक्ट्री के दस्तावेज, सप्लाई से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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