By Malay Ojha | Published: 03 July 2026 at 10:13 AM
पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर और कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। उनकी बहन कातिया एवेरियो के एक बयान ने यह अटकलें तेज कर दी हैं कि फीफा विश्व कप 2026 के बाद रोनाल्डो राष्ट्रीय टीम को अलविदा कह सकते हैं। हालांकि, खुद रोनाल्डो ने अभी तक संन्यास को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर फुटबॉल प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।
क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले से पहले रोनाल्डो की बहन कातिया एवेरियो ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें भरोसेमंद सूत्रों से जानकारी मिली है कि रोनाल्डो जल्द ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं। उनके मुताबिक, आगामी फीफा विश्व कप संभवतः रोनाल्डो का आखिरी बड़ा टूर्नामेंट साबित हो सकता है। इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर रोनाल्डो के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अभी तक रोनाल्डो ने नहीं दी कोई पुष्टि
हालांकि, इन अटकलों के बीच सबसे अहम बात यह है कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने खुद संन्यास को लेकर कोई फैसला सार्वजनिक नहीं किया है। उनकी ओर से अब तक ऐसा कोई बयान नहीं आया है जिससे यह साफ हो कि वह विश्व कप 2026 के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल छोड़ देंगे। इसलिए फिलहाल बहन के बयान को आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।
रिकॉर्डों से भरा रहा रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर
करीब दो दशक से ज्यादा समय से पुर्तगाल की जर्सी पहन रहे रोनाल्डो ने अपने देश के लिए कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्हें तोड़ना आसान नहीं माना जाता। उन्होंने अब तक 232 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 146 गोल दागे हैं। वह अपने देश के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। इसके अलावा यूरोपीय चैम्पियनशिप और फीफा विश्व कप में कुल 25 गोल करने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर भी बन चुके हैं।
छह विश्व कप खेलने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल
अगस्त 2003 में महज 18 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में कदम रखने वाले रोनाल्डो उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने छह फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया है। लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर लगातार खेलना उनकी फिटनेस, अनुशासन और मेहनत का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है।
उम्र बढ़ी, लेकिन प्रदर्शन पर नहीं पड़ा असर
41 वर्ष की उम्र पार करने के बावजूद रोनाल्डो अभी भी पुर्तगाल की पहली पसंद बने हुए हैं। हाल के मुकाबलों में भी उन्होंने साबित किया है कि अनुभव और फिटनेस के दम पर वह टीम के लिए कितने अहम खिलाड़ी हैं। नॉकआउट मुकाबलों में शुरुआती एकादश में जगह बनाकर उन्होंने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया।
विश्व कप ट्रॉफी अब भी सबसे बड़ा सपना
रोनाल्डो ने अपने करियर में लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पांच बार बैलन डी’ओर जीतने के अलावा उन्होंने 2016 में पुर्तगाल को पहली बार यूरोपीय चैम्पियनशिप का खिताब भी दिलाया। इसके बावजूद फीफा विश्व कप की ट्रॉफी अब तक उनके हाथ नहीं लगी है। माना जा रहा है कि 2026 का विश्व कप इसी अधूरे सपने को पूरा करने का उनका आखिरी बड़ा मौका हो सकता है।
कोच ने जताया था पूरा भरोसा
कुछ समय पहले पुर्तगाल के मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने कहा था कि रोनाल्डो की फिटनेस और खेलने की क्षमता पर उन्हें कोई संदेह नहीं है। उनके मुताबिक रोनाल्डो उन खिलाड़ियों में हैं जिनकी सीखने और बेहतर बनने की भूख आज भी पहले जैसी है। यही वजह है कि बढ़ती उम्र के बावजूद उनका प्रदर्शन लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
फिटनेस और अनुशासन ही सबसे बड़ी ताकत
मार्टिनेज का कहना था कि सिर्फ प्रतिभा किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर नहीं रख सकती। रोनाल्डो अपनी फिटनेस, खानपान, अभ्यास और शरीर की देखभाल को लेकर बेहद अनुशासित हैं। यही कारण है कि चार दशक की उम्र पार करने के बाद भी वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
अब सभी की नजर रोनाल्डो के फैसले पर
फिलहाल यह साफ नहीं है कि रोनाल्डो कब तक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेलेंगे। लेकिन उनकी बहन के बयान के बाद यह चर्चा जरूर तेज हो गई है कि 2026 का विश्व कप उनके शानदार करियर का अंतिम अध्याय हो सकता है। अब दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजर खुद रोनाल्डो के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
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