By Malay Ojha | Published: 29 July 2026 at 08:26 PM
बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनियों ने 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क तय कर दिया है। अब कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को पहले से पता रहेगा कि उनके स्वीकृत भार के हिसाब से कितना शुल्क देना होगा। यह व्यवस्था बिहार विद्युत विनियामक आयोग के निर्देशों के तहत लागू की गई है।
बिजली वितरण कंपनियों की नई व्यवस्था के बाद नए कनेक्शन के लिए लगने वाले शुल्क को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने की उम्मीद है। खास तौर पर विद्युतीकृत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब निर्धारित दर के आधार पर कनेक्शन दिया जाएगा। इसमें कम भार वाले घरेलू कनेक्शन से लेकर 150 किलोवाट तक के बड़े कनेक्शन शामिल हैं।
आवेदन के समय ही साफ हो जाएगा कितना खर्च आएगा
अब नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को शुल्क के लिए अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं होगी। निर्धारित दर के मुताबिक कनेक्शन शुल्क की गणना की जाएगी और उपभोक्ता को पहले से पता रहेगा कि उसे अपने बिजली भार के अनुसार कितनी राशि जमा करनी है। इससे कनेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही अनावश्यक भ्रम की स्थिति भी कम होगी।
7 किलोवाट तक के सिंगल फेज कनेक्शन की दर
उत्तर बिहार बिजली वितरण कंपनी और दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनी की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार, 7 किलोवाट तक के सभी सिंगल फेज कनेक्शन के लिए अलग-अलग भार के हिसाब से शुल्क तय किया गया है। 3 किलोवाट तक के भार पर 900 रुपये प्रति किलोवाट की दर से सर्विस कनेक्शन शुल्क लिया जाएगा।
वहीं, यदि कनेक्शन का भार 3 किलोवाट से अधिक है तो 2,700 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ 3 किलोवाट से अधिक के प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इस श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं के लिए शुल्क की गणना स्वीकृत भार के आधार पर की जाएगी।
5 से 19 किलोवाट तक तीन फेज कनेक्शन का शुल्क
जिन उपभोक्ताओं को 5 से 19 किलोवाट तक का तीन फेज बिजली कनेक्शन चाहिए, उनके लिए भी शुल्क की दर तय कर दी गई है। इस श्रेणी में 5 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 4,500 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क देना होगा। अगर स्वीकृत भार 5 किलोवाट से अधिक है तो 4,500 रुपये के साथ हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,500 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। यानी इस श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं के कुल शुल्क की गणना स्वीकृत बिजली भार के आधार पर होगी।
20 से 44 किलोवाट तक के कनेक्शन पर यह शुल्क
20 से 44 किलोवाट तक के तीन फेज कनेक्शन** के लिए भी अलग शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। इस श्रेणी में 20 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 21,000 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि उपभोक्ता का स्वीकृत भार 20 किलोवाट से अधिक है तो 21,000 रुपये के अलावा हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इस तरह अधिक भार वाले कनेक्शन के लिए शुल्क स्वीकृत भार बढ़ने के साथ उसी अनुपात में बढ़ेगा।
45 से 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए तय हुई दर
सबसे अधिक भार वाले नए बिजली कनेक्शन के लिए भी शुल्क की दर स्पष्ट कर दी गई है। 45 से 150 किलोवाट तक के उच्च दबाव श्रेणी के उपभोक्ताओं से 7,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से सर्विस कनेक्शन शुल्क लिया जाएगा। इस श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं के लिए शुल्क की गणना सीधे स्वीकृत बिजली भार के आधार पर होगी। यानी जितना भार स्वीकृत होगा, उसी के हिसाब से सर्विस कनेक्शन शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
शुल्क जमा करने के बाद बिजली ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा
निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क जमा करने के बाद बिजली वितरण कंपनियां तकनीकी जरूरत के मुताबिक उपभोक्ता के लिए विद्युत संरचना उपलब्ध कराएंगी। इसमें सर्विस तार सहित बिजली मीटर के प्वाइंट ऑफ सप्लाई तक जरूरी व्यवस्था शामिल होगी। इसके बाद उपभोक्ता को नया बिजली कनेक्शन जारी किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को प्रक्रिया और शुल्क दोनों की स्पष्ट जानकारी पहले से मिल सके। इससे कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के साथ ही समय भी कम लगने की उम्मीद है।
बिजली विभाग के अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश
नई शुल्क व्यवस्था लागू करने के लिए दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने अपने संबंधित विद्युत आपूर्ति अंचलों, प्रमंडलों और उपप्रमंडलों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि नए बिजली कनेक्शन जारी करते समय बिहार विद्युत विनियामक आयोग की ओर से तय प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया जाए। इसके साथ ही नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए अंचलवार एजेंसियों का चयन भी किया जा चुका है। इससे आवेदन से लेकर कनेक्शन उपलब्ध कराने तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उपभोक्ताओं को नए बिजली कनेक्शन के लिए लगने वाले सर्विस कनेक्शन शुल्क को लेकर पहले से स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। अलग-अलग भार के लिए शुल्क निर्धारित होने के कारण आवेदन करने से पहले ही खर्च का अनुमान लगाया जा सकेगा। इसके अलावा शुल्क पहले से तय होने के कारण उपभोक्ताओं के बीच किसी तरह की गलतफहमी या भ्रम की स्थिति कम होने की उम्मीद है। बिजली वितरण कंपनियों की ओर से तय व्यवस्था के तहत शुल्क जमा करने के बाद तकनीकी आवश्यकता के अनुसार कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बिहार में नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया होगी और स्पष्ट
उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनियों की ओर से लागू की गई यह व्यवस्था नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन के भार के हिसाब से निर्धारित शुल्क की जानकारी पहले से होगी। खास बात यह है कि यह व्यवस्था 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन को ध्यान में रखकर लागू की गई है। इसमें सिंगल फेज, तीन फेज और उच्च दबाव श्रेणी के कनेक्शन शामिल हैं। निर्धारित शुल्क के बाद तकनीकी जरूरत के अनुसार विद्युत संरचना उपलब्ध कराने और कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नई व्यवस्था के लागू होने से उम्मीद है कि बिहार में नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को अब शुल्क और प्रक्रिया को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा स्पष्टता मिलेगी। साथ ही, तय दरों और निर्धारित प्रक्रिया के कारण बिजली कनेक्शन देने की पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी।
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