By aryavartalive | Published: 30 July 2026 at 05:01 PM
पटना: सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने एक बयान जारी कर केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि देश में कुछ सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए मतदान गुरुवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया। छात्र-युवाओं के आंदोलन के दबाव के साथ-साथ इन उपचुनावों में हार की आशंका का भी केंद्र सरकार पर दबाव था। इसी वजह से सरकार ने जेन-जी की अधिकतर मांगों को मानने पर सहमति जताई थी। अब जब उपचुनाव के लिए मतदान का समय समाप्त हो गया है, तो केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्य सरकारें एक बार फिर अपना असली रंग दिखाना शुरू करेंगी और अपने वादों से पीछे हटेंगी।
अब विपक्ष और समाज के जिम्मेदार लोगों की बारी
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र के प्रति जेन-जी की जितनी जिम्मेदारी बनती थी, उससे कहीं ज्यादा उन लोगों ने निभाई है। अब मुख्य विपक्ष, अन्य विपक्षी दलों, देशभर के समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों की बारी है कि वे लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। इसके साथ ही छात्र-युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्रभावी भूमिका निभाएं।
लोकतंत्र की रक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ युवाओं की नहीं
धनंजय सिन्हा ने कहा कि बीते पखवाड़े में विपक्ष के कई नेताओं और देश के प्रमुख समाजसेवी एवं बुद्धिजीवी कहे जाने वाले लोगों के ऐसे बयान सामने आए हैं, जैसे लोकतंत्र की रक्षा की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ छात्र-युवाओं की ही है। उन्होंने कहा कि इसी तरह के नजरिये के चलते इन लोगों ने कई तरह से जेन-जी की आलोचना की और उन पर कई सवाल भी उठाए।
तानाशाही के खिलाफ जिम्मेदार लोगों को सामने आने की अपील
उन्होंने कहा कि सरकार की तानाशाही के खिलाफ अब मुख्य विपक्ष और समाज के अन्य जिम्मेदार लोगों को सामने आना चाहिए। उन्हें लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए और छात्र-युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए भी मजबूती से आवाज उठानी चाहिए।
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