By aryavartalive | Published: 30 July 2026 at 03:37 PM
पटना: शरीर में अचानक कोई गांठ उभर आए और वह तेजी से बढ़ने लगे, हड्डियों में लगातार दर्द बना रहे या बिना किसी बड़ी वजह के बार-बार फ्रैक्चर हो रहा हो, तो इसे सामान्य समस्या मानकर टालना भारी पड़ सकता है। ये लक्षण सारकोमा (Sarcoma) जैसे दुर्लभ कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। जुलाई महीने को दुनियाभर में सारकोमा अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी की समय रहते पहचान हो जाए तो इलाज के बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।
शरीर की गांठ को सामान्य समझकर न छोड़ें
सारकोमा कैंसर का एक दुर्लभ प्रकार है, जो शरीर की हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियों, वसा, नसों और दूसरे मुलायम ऊतकों में भी विकसित हो सकता है। यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव पर नजर रखना जरूरी है।
तेजी से बढ़ती गांठ और लगातार दर्द पर रहें सतर्क
नारायणा कैंसर सेंटर एवं पारस एचएमआरआई अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अभिषेक आनंद ने कहा कि शरीर में तेजी से बढ़ने वाली गांठ, लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द, हड्डी में असामान्य सूजन या बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार फ्रैक्चर होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में खुद से इलाज करने या समस्या के अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
शुरुआती जांच से इलाज की राह हो सकती है आसान
डॉक्टर के मुताबिक, सारकोमा का इलाज बीमारी के प्रकार, उसके स्थान और किस अवस्था में इसकी पहचान हुई है, इन बातों पर निर्भर करता है। आज सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और कुछ मामलों में टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक उपचार पद्धतियों की मदद से मरीजों का इलाज किया जाता है। बीमारी जितनी जल्दी पकड़ में आती है, डॉक्टरों के लिए इलाज की सही रणनीति तय करना उतना ही आसान हो सकता है।
असामान्य लक्षणों को छिपाने के बजाय तुरंत लें सलाह
सारकोमा अवेयरनेस मंथ के दौरान विशेषज्ञों ने लोगों से शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। किसी गांठ के बढ़ने, लगातार दर्द रहने या हड्डियों से जुड़ी असामान्य समस्या को लंबे समय तक टालने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और समय पर जांच इस गंभीर बीमारी से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

