By Malay Ojha | Published: 15 August 2026 at 12:27 PM
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू की प्रक्रिया को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में 90 से 99 फीसदी तक घोटाला होता है। रामदेव ने आरोप लगाया कि कई बार पहले से तय लोगों को भर्ती कर लिया जाता है और बाकी उम्मीदवारों को बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो देश में युवाओं के आंदोलन और तेज हो सकते हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए इंटरव्यू देने वाले युवाओं के साथ पूरी तरह निष्पक्ष व्यवहार नहीं हो रहा है। उनके मुताबिक, कई जगह चयन में योग्यता के बजाय विचारधारा, संगठन, जाति, वर्ग और समुदाय जैसी चीजों का असर दिखाई देता है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को युवाओं के लिए अपमानजनक बताया।
‘10 में से पहले से तय करके भर्ती की जाती है’
रामदेव ने कहा कि एक तरफ देश में ‘सत्यमेव जयते’ की बात होती है, लेकिन दूसरी तरफ भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आते रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में इंटरव्यू से पहले ही तय कर लिया जाता है कि किसे नौकरी देनी है। उन्होंने पैसे लेकर भर्ती किए जाने का भी आरोप लगाया।
‘यह लोकतंत्र और न्याय के खिलाफ है’
योग गुरु ने कहा कि अगर किसी युवा को उसकी योग्यता के बावजूद सिर्फ इसलिए मौका नहीं मिलता क्योंकि वह किसी खास विचारधारा, जाति या वर्ग से नहीं जुड़ा है, तो यह लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था में युवाओं का गुस्सा बढ़ना स्वाभाविक है।
युवाओं के आंदोलन को लेकर भी बोले रामदेव
बाबा रामदेव ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के आंदोलन इसी असंतोष का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि वह आंदोलन के नाम पर अराजकता के समर्थक नहीं हैं, लेकिन अगर व्यवस्था में मौजूद गड़बड़ियों को दूर नहीं किया गया तो लोगों का गुस्सा और बढ़ सकता है।
‘नहीं सुधरे तो आंदोलन करना पड़ेगा’
रामदेव ने सरकार और व्यवस्था को सीधे तौर पर सुधार की सलाह देते हुए कहा कि अगर इसी तरह चलता रहा तो देश में और बड़े आंदोलन हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि व्यवस्था को समय रहते ठीक कर लेना चाहिए, वरना ऐसी स्थिति आ सकती है जब उन्हें खुद दोबारा आंदोलन करना पड़े।
बाबा रामदेव का पुराना आंदोलन वाला तेवर
बाबा रामदेव पहले भी भ्रष्टाचार और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। इस बार उनका निशाना खास तौर पर सरकारी भर्ती और इंटरव्यू प्रक्रिया रही। हालांकि, सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 से 99 फीसदी घोटाले के उनके दावे को लेकर उन्होंने कोई आंकड़ा या आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं रखी है। इसलिए यह उनके द्वारा लगाया गया आरोप है, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने की जरूरत है।
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