By Malay Ojha | Published: 24 August 2026 at 01:41 PM
रायबरेली में आयोजित ‘भाव समर्पण समारोह’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान हुए कथित मछली भोज को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ हनुमानगढ़ी में दर्शन और ‘राम-राम’ का जाप किया जाता है, दूसरी तरफ अयोध्या में ही मछली की दावत उड़ाई जाती है। मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस का दोहरा आचरण बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस के नेता अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन करने जाते हैं और उसके बाद मछली भोज में शामिल होते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मछली खानी थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा सकते थे। मुख्यमंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस के कथित दोहरे व्यवहार से जोड़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
‘राम-राम चिल्लाते हैं, बेशर्मी की भी सीमा होती है’
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस के नेता एक तरफ भगवान राम का नाम लेते हैं और बजरंगबली के मंदिर में दंडवत होते हैं, जबकि दूसरी तरफ उसी अयोध्या में मछली की दावत करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनके इस आचरण को देखकर गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अयोध्या का मछली भोज विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
अजय राय को लेकर भी सीएम योगी ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का जिक्र करते हुए उनके परिवार से जुड़े पुराने घटनाक्रम पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अजय राय के भाई की हत्या एक माफिया ने की थी, लेकिन कांग्रेस नेता ने उस माफिया के खिलाफ आवाज उठाने के बजाय उसके सामने झुकना पसंद किया।
‘आज किसी के सामने पहचान का संकट नहीं’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का युवा, महिला, व्यापारी, किसान या आम नागरिक अपनी पहचान को लेकर किसी तरह के संकट में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में प्रदेश के लोगों को दूसरे राज्यों में जाने पर अलग नजर से देखा जाता था और इसके लिए उन्होंने पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।
सपा, बसपा और कांग्रेस पर भी हमला
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश की पहचान प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में परिस्थितियां बदली हैं और आम लोगों के भीतर अपने प्रदेश को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है।
अयोध्या के विकास कार्यों का भी किया जिक्र
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए विकास और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों से जुड़े कामों को भी विपक्ष के निशाने से जोड़कर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस बात पर भी आपत्ति होती है कि अयोध्या के हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर क्यों रखा गया और निषादराज के नाम पर यात्री विश्रामालय क्यों बनाया गया।
शबरी माता के नाम पर भोजनालय का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में शबरी माता के नाम पर भोजनालय बनाए गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों के पास काम करने की क्षमता नहीं थी, वे ऐसे काम नहीं कर पाए। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का काम किया है।
‘हमने अपनी विरासत को सम्मान दिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अयोध्या के विकास के साथ-साथ भगवान राम और उनसे जुड़ी परंपराओं को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण को भी इसी सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
मछली भोज विवाद ने फिर पकड़ा राजनीतिक तूल
अयोध्या में कांग्रेस से जुड़े कार्यक्रम में मछली भोज को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे कांग्रेस की धार्मिक राजनीति और कथित दोहरे आचरण से जोड़ते हुए हमला बोला है। वहीं, इस मुद्दे के जरिए भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
धार्मिक मुद्दों के साथ विपक्ष पर निशाना
रायबरेली में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने अयोध्या, भगवान राम, हनुमानगढ़ी और धार्मिक विरासत से जुड़े मुद्दों को विपक्ष की राजनीति से जोड़कर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक आस्था का सार्वजनिक प्रदर्शन और दूसरी तरफ अलग तरह का व्यवहार लोगों के सामने विरोधाभास पैदा करता है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी सियासी हलचल
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अयोध्या का यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। खास बात यह है कि योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ मछली भोज तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि इसी बहाने कांग्रेस की कथित धार्मिक राजनीति, उसके पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड और अयोध्या में हुए विकास कार्यों को भी अपने भाषण का हिस्सा बनाया। ऐसे में यह बयान आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मुद्दा बन सकता है।
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