By Malay Ojha | Published: 26 August 2026 at 07:51 AM
अमेरिका में शरण मांगने वाले विदेशी नागरिकों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। अमेरिकी विदेश विभाग 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए बी1 और बी2 वीजा में से बड़ी संख्या को रद्द कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ होगी, जो अमेरिका में कारोबारी या पर्यटन वीजा पर पहुंचे और बाद में शरण के लिए आवेदन कर चुके हैं या फिलहाल उनकी शरण प्रक्रिया चल रही है।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्रवाई की चपेट में करीब 2 लाख तक विदेशी नागरिक आ सकते हैं। अगर यह योजना इसी स्तर पर लागू होती है तो यह अमेरिकी इतिहास में एक साथ होने वाली सबसे बड़ी वीजा रद्द करने की कार्रवाई होगी। हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी संभावित संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि वीजा रद्द करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल सकती है।
विदेश विभाग और गृह सुरक्षा विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह गृह सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान कर रहा है, जो अमेरिका में कम समय के लिए आने वाले यात्री के तौर पर दाखिल हुए थे, लेकिन बाद में वहीं रहने के लिए शरण का आवेदन कर दिया। अधिकारियों के अनुसार संबंधित वीजा रद्द करने की प्रक्रिया आने वाले समय में आगे बढ़ाई जाएगी।
क्या वीजा रद्द होते ही अमेरिका से निकाल दिया जाएगा?
इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि प्रभावित लोगों को तुरंत अमेरिका से निर्वासित कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जिन लोगों के शरण संबंधी मामले अभी लंबित हैं, उनके मामलों की स्थिति अलग तरीके से तय की जा सकती है। हालांकि उनका कारोबारी या पर्यटन यात्री वाला वीजा दर्जा खत्म हो जाएगा।
क्या होते हैं बी1 और बी2 वीजा?
बी1 वीजा मुख्य रूप से कारोबारी यात्राओं के लिए जारी किया जाता है। वहीं बी2 वीजा पर्यटन, परिवार से मिलने या चिकित्सा उपचार जैसे छोटे समय के लिए अमेरिका जाने के लिए इस्तेमाल होता है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन वीजा पर अमेरिका आने वाले लोगों से अपने देश लौटने की मंशा रखने की उम्मीद की जाती है।
ट्रंप प्रशासन पहले भी कड़ा कर चुका है वीजा नियम
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने वीजा व्यवस्था को लेकर कई सख्त कदम उठाए हैं। आवेदकों से सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारी मांगी गई है, कुछ मामलों में महंगे बॉन्ड की व्यवस्था लागू की गई है और कई देशों के नागरिकों पर वीजा पाबंदियां भी लगाई गई हैं। विदेश विभाग के अनुसार ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में अब तक 1.75 लाख से अधिक वीजा रद्द किए जा चुके हैं।
शरण के आवेदन को लेकर प्रशासन का तर्क
अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कुछ लोग पर्यटन और कारोबारी वीजा का इस्तेमाल अमेरिका पहुंचने के बाद वहां स्थायी रूप से रहने के रास्ते के तौर पर कर रहे हैं। उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने भी ऐसे मामलों को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि अमेरिकी कानून के तहत अमेरिका पहुंचने के बाद पात्र विदेशी नागरिक शरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
फैसले को कानूनी चुनौती मिलने की संभावना
इतनी बड़ी संख्या में वीजा रद्द करने की योजना सामने आने के बाद इस पर कानूनी लड़ाई की संभावना भी जताई जा रही है। ट्रंप प्रशासन की कई आव्रजन नीतियां पहले से ही अदालतों में चुनौती का सामना कर रही हैं। ऐसे में नई वीजा कार्रवाई लागू होने पर प्रभावित लोगों और अधिकार संगठनों की ओर से भी अदालत का रुख किए जाने की संभावना है।
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