By Malay Ojha | Published: 27 August 2026 at 11:46 PM
कंगना रनौत ने एक बार फिर अपनी बेबाकी से राजनीति और फिल्मी करियर को लेकर बड़ा बयान दिया है। दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में बीजेपी सांसद ने साफ कहा कि वह पार्टी की ‘कठपुतली’ नहीं हैं। कंगना ने कहा कि बीजेपी आज उनके साथ है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि कल भी पार्टी उनके साथ खड़ी रहे। उन्होंने अपनी पहचान को दो साल की राजनीतिक पारी से कहीं ज्यादा बड़ा बताया।
कंगना से पूछा गया था कि उनके सार्वजनिक बयान निजी राय होते हैं या उन्हें बीजेपी का आधिकारिक रुख माना जाना चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि उनका पार्टी से अलग होने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, जब राजनीतिक माहौल में बहुत ज्यादा शोर होता है तो अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्हें भी जोर से बोलना पड़ता है। इसी वजह से कई बार उनके बयान पार्टी की लाइन से अलग नजर आते हैं।
‘बीजेपी आज मेरे साथ है, कल हो भी नहीं सकती’
कंगना ने कहा कि अगर कभी उनके विचार पार्टी की सोच से अलग नजर आते हैं तो इसे एक व्यक्ति के तौर पर भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह कोई कठपुतली नहीं हैं। बीजेपी अभी उनके साथ है, लेकिन भविष्य में ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं। कंगना ने अपनी 20 साल की फिल्मी पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक पहचान अभी सिर्फ दो साल पुरानी है।
‘अभी नई हूं, सीख रही हूं’
कंगना ने यह भी माना कि राजनीति में आने के बाद कई बार चीजें बिगड़ी होंगी और उनके बयानों से पार्टी को परेशानी भी हुई होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका पार्टी से जुड़ाव स्वाभाविक है और उन्हें इसे दिखाने के लिए अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने खुद को राजनीति में अभी नया बताते हुए कहा कि वह लगातार सीख रही हैं।
अगले 10 साल की योजना पर साफ जवाब नहीं
जब कंगना से पूछा गया कि आने वाले 10 साल में वह खुद को राजनीति के किसी बड़े पद पर देखती हैं या फिल्मों में लौटना चाहेंगी, तो उन्होंने कोई तय जवाब नहीं दिया। उनका कहना था कि मौजूदा समय में इतनी अनिश्चितताएं हैं कि भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर कुछ कहना मुश्किल है।
मंडी से टिकट कटने का डर नहीं
मंडी से अगले चुनाव में टिकट मिलने को लेकर डर के सवाल पर कंगना ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है। उनका कहना था कि अब वह व्यक्तिगत फायदे से आगे बढ़कर समाज और दूसरे लोगों के हित से जुड़े मुद्दों पर बात करती हैं। साथ ही उन्होंने साफ किया कि राजनीति में उनकी पहचान खत्म हो जाए, ऐसा डर भी उन्हें नहीं है।
फिल्मों में लौटने का रास्ता अभी खुला
कंगना ने कहा कि वह खुद को सिर्फ सांसद के तौर पर नहीं देखतीं। वह फिल्ममेकर और लेखिका भी हैं और उन्हें अपना काम पसंद है। उनके मुताबिक आज भी कई निर्देशक उन्हें फिल्मों में लेना चाहते हैं और उनसे पूछते हैं कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी क्यों बनाई। कंगना ने कहा कि उनके लिए अभी जिंदगी में करने को बहुत कुछ है।
बड़े प्रोडक्शन हाउस के ऑफर ठुकराने का दावा
फिल्मों में पूरी तरह वापसी को लेकर कंगना ने कहा कि बड़े प्रोडक्शन हाउस के ऑफर वह पहले भी ठुकरा चुकी हैं। उन्होंने पुरस्कार समारोहों से दूरी बनाने का भी जिक्र किया। कंगना के मुताबिक एक दौर में उन्हें करीब 100 फोन आते थे और कुछ प्रकाशनों के बड़े अधिकारी उनके घर तक आए थे। उनका दावा है कि उनसे समारोह में शामिल होने की गुजारिश की जाती थी।
‘मणिकर्णिका’ और ‘इमरजेंसी’ का भी किया जिक्र
कंगना ने बताया कि उनका अपना प्रोडक्शन हाउस है और वह निर्देशन भी कर चुकी हैं। उन्होंने ‘मणिकर्णिका’ और ‘इमरजेंसी’ जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि अभिनय के साथ फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी उनकी रुचि है। उन्होंने ‘थलाइवी’ में जयललिता का किरदार निभाने का उदाहरण देते हुए कहा कि अब वह अपनी उम्र और व्यक्तित्व के मुताबिक मजबूत भूमिकाओं को ज्यादा पसंद करती हैं।
खान-कुमार के साथ हीरोइन बनने से बेहतर ऐसे किरदार
कंगना ने कहा कि उनके लिए उम्र के हिसाब से तैयार किए गए किरदार ज्यादा बेहतर हैं। उनका मानना है कि जयललिता जैसे किरदार निभाने के लिए खास व्यक्तित्व और परिपक्वता की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किरदार करना उनके लिए किसी खान या कुमार के साथ पारंपरिक हीरोइन की भूमिका निभाने से ज्यादा बेहतर है।
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