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BHU में डालमिया समूह करेगा तीन प्रमुख जगहों का कायाकल्प, छात्रावास से CHS तक होंगे बड़े विकास कार्य

By Malay Ojha | Published: 28 August 2026 at 06:30 PM

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अब तीन प्रमुख परिसरों और भवनों की तस्वीर बदलने वाली है। विश्वविद्यालय ने डालमिया समूह से जुड़े कुनाल डालमिया और उनकी संबद्ध कंपनियों के साथ पांच साल के लिए समझौता किया है। इसके तहत सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास, सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) के कमच्छा से सटे क्षेत्र और सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में मरम्मत, नवीनीकरण और विकास के काम कराए जाएंगे।

एमओयू पर बीएचयू के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव और कुनाल डालमिया ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। समझौता पांच वर्ष के लिए हुआ है और आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। विश्वविद्यालय पूरे काम की निगरानी करेगा।

डालमिया छात्रावास में खेल सुविधाएं भी बढ़ेंगी
सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास में संरचनात्मक मरम्मत के साथ जलरोधन, बिजली व्यवस्था, शौचालय और रंग-रोगन का काम होगा। परिसर को पौधारोपण से बेहतर बनाया जाएगा। यहां बैडमिंटन, पिकलबॉल और बास्केटबॉल के लिए बहुउद्देशीय खेल मैदान भी तैयार किया जाएगा।

एलएन डालमिया की प्रतिमा भी लगेगी
छात्रावास परिसर में स्वर्गीय एल.एन. डालमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ विश्वविद्यालय के लिए उनके योगदान की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इससे छात्रों को संस्थान से जुड़े पुराने योगदान और इतिहास से परिचित कराने की कोशिश होगी।

CHS क्षेत्र में बनेगा ‘साबो उद्यान’
सेंट्रल हिंदू स्कूल में कमच्छा से लगे पूर्वी हिस्से का भी कायाकल्प किया जाएगा। क्षेत्र में सीमा रेलिंग, पौधारोपण, फव्वारे और जल निकाय विकसित किए जाएंगे। यहां गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

खेल मैदान और ‘साबो कप’ भी होगा
इस क्षेत्र में बहुउद्देशीय खेल मैदान विकसित किया जाएगा और इसका नाम ‘साबो उद्यान’ रखा जाएगा। दानदाताओं की ओर से वार्षिक खेल प्रतियोगिता ‘साबो कप’ के लिए ट्रॉफी और पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की योजना है। प्रतियोगिता से जुड़ी व्यवस्था विश्वविद्यालय दानदाताओं के परामर्श से तय करेगा।

तीसरे चरण में विज्ञान भवन का काम
पहली दोनों परियोजनाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में भी मरम्मत और विकास का काम शुरू होगा। भवन में संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, बिजली और शौचालयों का सुधार तथा रंग-रोगन कराया जाएगा।

सावित्री देवी की प्रतिमा भी लगेगी
विज्ञान भवन में उचित स्थान पर स्वर्गीय सावित्री देवी डालमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही उनके जीवन और विश्वविद्यालय के लिए योगदान से जुड़ी संक्षिप्त जानकारी भी वहां प्रदर्शित की जाएगी।

बीएचयू और डालमिया परिवार का पुराना रिश्ता
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय की सुविधाओं के विकास में डालमिया समूह की पहल और सहयोग की सराहना की। कुनाल डालमिया ने कहा कि इस योगदान को वह एक जिम्मेदारी और विरासत के तौर पर देखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिवार की आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगी।

1973 से जुड़ा है संबंध
बीएचयू और डालमिया परिवार के बीच यह सहयोग नया नहीं है। स्वर्गीय लक्ष्मीनिवास डालमिया ने वर्ष 1973 में सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास विश्वविद्यालय को दान किया था। इसके बाद वर्ष 2004 में हुए समझौते के जरिए कुनाल डालमिया और उनकी कंपनी ने सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन के निर्माण में योगदान दिया था।

निर्माण की निगरानी करेगा विश्वविद्यालय
प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी संरचनात्मक डिजाइन और ड्रॉइंग बीएचयू की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण कार्य की निगरानी के साथ एमओयू की शर्तों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट को लागू कराने की जिम्मेदारी भी विश्वविद्यालय की रहेगी।

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BHU में डालमिया समूह करेगा तीन प्रमुख जगहों का कायाकल्प, छात्रावास से CHS तक होंगे बड़े विकास कार्य

By Malay Ojha | Published: 28 August 2026 at 06:30 PM

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अब तीन प्रमुख परिसरों और भवनों की तस्वीर बदलने वाली है। विश्वविद्यालय ने डालमिया समूह से जुड़े कुनाल डालमिया और उनकी संबद्ध कंपनियों के साथ पांच साल के लिए समझौता किया है। इसके तहत सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास, सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) के कमच्छा से सटे क्षेत्र और सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में मरम्मत, नवीनीकरण और विकास के काम कराए जाएंगे।

एमओयू पर बीएचयू के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव और कुनाल डालमिया ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। समझौता पांच वर्ष के लिए हुआ है और आपसी सहमति से इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। विश्वविद्यालय पूरे काम की निगरानी करेगा।

डालमिया छात्रावास में खेल सुविधाएं भी बढ़ेंगी
सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास में संरचनात्मक मरम्मत के साथ जलरोधन, बिजली व्यवस्था, शौचालय और रंग-रोगन का काम होगा। परिसर को पौधारोपण से बेहतर बनाया जाएगा। यहां बैडमिंटन, पिकलबॉल और बास्केटबॉल के लिए बहुउद्देशीय खेल मैदान भी तैयार किया जाएगा।

एलएन डालमिया की प्रतिमा भी लगेगी
छात्रावास परिसर में स्वर्गीय एल.एन. डालमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ विश्वविद्यालय के लिए उनके योगदान की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इससे छात्रों को संस्थान से जुड़े पुराने योगदान और इतिहास से परिचित कराने की कोशिश होगी।

CHS क्षेत्र में बनेगा ‘साबो उद्यान’
सेंट्रल हिंदू स्कूल में कमच्छा से लगे पूर्वी हिस्से का भी कायाकल्प किया जाएगा। क्षेत्र में सीमा रेलिंग, पौधारोपण, फव्वारे और जल निकाय विकसित किए जाएंगे। यहां गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

खेल मैदान और ‘साबो कप’ भी होगा
इस क्षेत्र में बहुउद्देशीय खेल मैदान विकसित किया जाएगा और इसका नाम ‘साबो उद्यान’ रखा जाएगा। दानदाताओं की ओर से वार्षिक खेल प्रतियोगिता ‘साबो कप’ के लिए ट्रॉफी और पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की योजना है। प्रतियोगिता से जुड़ी व्यवस्था विश्वविद्यालय दानदाताओं के परामर्श से तय करेगा।

तीसरे चरण में विज्ञान भवन का काम
पहली दोनों परियोजनाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में भी मरम्मत और विकास का काम शुरू होगा। भवन में संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, बिजली और शौचालयों का सुधार तथा रंग-रोगन कराया जाएगा।

सावित्री देवी की प्रतिमा भी लगेगी
विज्ञान भवन में उचित स्थान पर स्वर्गीय सावित्री देवी डालमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही उनके जीवन और विश्वविद्यालय के लिए योगदान से जुड़ी संक्षिप्त जानकारी भी वहां प्रदर्शित की जाएगी।

बीएचयू और डालमिया परिवार का पुराना रिश्ता
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय की सुविधाओं के विकास में डालमिया समूह की पहल और सहयोग की सराहना की। कुनाल डालमिया ने कहा कि इस योगदान को वह एक जिम्मेदारी और विरासत के तौर पर देखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिवार की आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगी।

1973 से जुड़ा है संबंध
बीएचयू और डालमिया परिवार के बीच यह सहयोग नया नहीं है। स्वर्गीय लक्ष्मीनिवास डालमिया ने वर्ष 1973 में सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास विश्वविद्यालय को दान किया था। इसके बाद वर्ष 2004 में हुए समझौते के जरिए कुनाल डालमिया और उनकी कंपनी ने सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन के निर्माण में योगदान दिया था।

निर्माण की निगरानी करेगा विश्वविद्यालय
प्रस्तावित कार्यों के लिए जरूरी संरचनात्मक डिजाइन और ड्रॉइंग बीएचयू की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। निर्माण कार्य की निगरानी के साथ एमओयू की शर्तों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट को लागू कराने की जिम्मेदारी भी विश्वविद्यालय की रहेगी।

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