By Malay Ojha | Published: 30 August 2026 at 05:36 PM
मोतिहारी: हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) की ‘गरीब चौपाल यात्रा’ के दौरान मोतिहारी में पार्टी ने आरक्षण में वर्गीकरण यानी ‘कोटे में कोटा’ के मुद्दे को फिर जोर-शोर से उठाया। बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी तथा बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक भी पहुंचना चाहिए, जो अब तक इससे वंचित रहे हैं। संतोष सुमन ने साफ कहा कि पार्टी अपने अधिकारों की इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी।
जीतन राम मांझी ने कहा कि गरीब, वंचित और शोषित समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता है। उन्होंने कहा कि आजादी के करीब 80 साल बाद भी समाज के एक बड़े हिस्से को अपने अधिकार और उचित हिस्सेदारी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में इस व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
18 महादलित जातियों का उठाया मुद्दा
मांझी ने 1 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी आरक्षण में वर्गीकरण से जुड़े फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों में आरक्षण के भीतर वर्गीकरण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तो बिहार में इसे लागू करने में परेशानी क्या है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई उन 18 महादलित जातियों और दूसरे वंचित वर्गों के लिए है, जिन्हें अब तक आरक्षण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।
संतोष सुमन बोले- ‘यह पार्टी आपकी आवाज है’
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा कि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा गरीब और वंचित समाज की आवाज बनकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा, रोजगार और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का पूरा अधिकार है। इसी तरह गरीब समाज के लोगों को विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधि बनने का भी बराबर अधिकार मिलना चाहिए।
‘जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी’
संतोष सुमन ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिस्सेदारी भी समाज की भागीदारी के हिसाब से तय होनी चाहिए। उन्होंने ‘जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ के सिद्धांत को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित समाज को सिर्फ चुनाव में वोट देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सत्ता और शासन में अपनी उचित हिस्सेदारी के लिए भी एकजुट होना होगा।
‘किसी की धमकी से डरने वाले नहीं’
संतोष सुमन ने दो टूक कहा कि ‘कोटे में कोटा देना होगा, यह हमारा अधिकार है।’ उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी दूसरे का अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों को उनका हिस्सा दिलाने के लिए है, जो वर्षों से आरक्षण के लाभ से दूर हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इस मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
गांव-टोले तक पहुंचने का कार्यकर्ताओं को निर्देश
सुमन ने कहा कि पार्टी गरीबों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके बीच जाएगी। जिन लोगों ने अपनी समस्या के संबंध में अभी आवेदन नहीं दिया है, वे आवेदन दें। पार्टी की टीम इन आवेदनों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएगी और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों से बातचीत व पत्राचार भी करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव और टोले तक जाकर लोगों से संवाद करने को कहा।
चंपारण से गरीबों की एकजुटता का संदेश
संतोष सुमन ने कहा कि चंपारण की धरती महात्मा गांधी के संघर्ष की गवाह रही है और अब इसी धरती से गरीबों के अधिकार और राजनीतिक हिस्सेदारी की आवाज उठ रही है। उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है और गरीबों का समय आने वाला है। इसके लिए इस एकता को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गरीब, वंचित और महादलित समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, प्रधानमहासचिव राजेश पाण्डेय, मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण, विधायक रोमित कुमार सिंह, विधायक प्रफुल्ल मांझी, महादलित आयोग के सदस्य मुकेश मांझी समेत कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने गरीब, वंचित और महादलित समाज के अधिकार, आरक्षण में वर्गीकरण, राजनीतिक हिस्सेदारी और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प लिया।
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