By Malay Ojha | Published: 30 August 2026 at 04:06 PM
बिहार के मोतिहारी में आयोजित ‘गरीब चौपाल’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया गया है। बापू सभागार में हुए कार्यक्रम में भारत सरकार के एमएसएमई मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी तथा हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन मौजूद रहे। आयोजकों के मुताबिक, दोनों नेताओं को सुनने के लिए 10 हजार से अधिक लोग पहुंचे।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मोतिहारी पहुंचे। आयोजकों का कहना है कि लोग किसी एक साधन या तय व्यवस्था के जरिए नहीं आए, बल्कि अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। कई लोग ट्रैक्टर, टेंपो, ई-रिक्शा और पिकअप वाहनों से बापू सभागार पहुंचे।
गरीब चौपाल’ में क्या रहा मुद्दा?
कार्यक्रम का फोकस गरीब, वंचित और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर रहा। मंच से लोगों के अधिकार, सम्मान और उनकी भागीदारी की बात कही गई। आयोजकों ने कार्यक्रम में जुटी भीड़ को ग्रामीण और गरीब तबके के बीच बढ़ते भरोसे से जोड़कर देखा।
मोतिहारी से राजनीतिक संदेश देने की कोशिश
कार्यक्रम के जरिए आयोजकों ने इसे सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि गरीब और वंचित वर्ग की आवाज को सामने रखने वाला मंच बताया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को आने वाले समय में बिहार की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर पेश किया गया।
गांवों से जुटी भीड़ पर रहा जोर
कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने खास तौर पर इस बात को रेखांकित किया कि ग्रामीण इलाकों से लोग अपने साधनों से मोतिहारी पहुंचे। ट्रैक्टर से लेकर टेंपो-टोटो और पिकअप तक से लोगों के आने की तस्वीरें कार्यक्रम में चर्चा का विषय रहीं।
आम लोगों के मुद्दों को लेकर आगे बढ़ने का संदेश
‘गरीब चौपाल’ के जरिए आयोजकों ने कहा कि गरीब और वंचित वर्ग अब अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर ज्यादा मजबूती से अपनी बात रखना चाहता है। कार्यक्रम में जुटी भीड़ को इसी बदलते माहौल से जोड़कर देखा गया। आयोजकों ने इसे आने वाले समय में बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर भी बताया।
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