By Malay Ojha | Published: 01 September 2026 at 09:30 AM
भारत सरकार की चेतावनी के बाद Meta ने Facebook और Instagram से फर्जी एडल्ट ऐप्स को बढ़ावा देने वाले दर्जनों विज्ञापन हटा दिए हैं। इन Ads में अश्लील वीडियो और तस्वीरों के जरिए लोगों को आकर्षित किया जा रहा था। क्लिक करने पर यूजर्स को फर्जी वेबसाइटों पर भेजा जाता था, जहां उन्हें Google Play Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म के बजाय Android ऐप की APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता था।
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने Meta को ऐसे विज्ञापनों के जरिए फैलाए जा रहे स्कैम और मैलवेयर के खतरे के बारे में चेतावनी दी थी। सरकार को आशंका थी कि इन ऐप्स के जरिए साइबर अपराधी यूजर्स के फोन में मौजूद निजी और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं।
अश्लील कंटेंट से शुरू होता था खेल
इन विज्ञापनों में एडल्ट वीडियो या उनके थंबनेल का इस्तेमाल लोगों को क्लिक करने के लिए उकसाने के तौर पर किया जाता था। इसके बाद यूजर को एक दूसरी वेबसाइट पर पहुंचाया जाता था। वहां वीडियो देखने के नाम पर उसे संदिग्ध ऐप या फाइल फोन में इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता था।
Reuters को मिले 39 संदिग्ध Ads
Reuters ने सरकार की एडवाइजरी जारी होने के बाद भी Facebook और Instagram पर ऐसे कम से कम 39 विज्ञापन पाए। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें कई Ads में अश्लील वीडियो के थंबनेल लगाए गए थे। Reuters की ओर से Meta से संपर्क किए जाने के बाद कंपनी ने इन विज्ञापनों को हटा दिया। Meta ने इस मामले पर Reuters के सवालों का जवाब नहीं दिया।
APK फाइल के जरिए खतरा
ऐसे ही एक विज्ञापन के जरिए यूजर्स को एक वेबसाइट पर भेजा गया, जहां सैकड़ों पोर्नोग्राफिक वीडियो उपलब्ध होने का दावा किया गया था। वेबसाइट ने यूजर को आधिकारिक ऐप स्टोर की जगह सीधे Moveksa.apk नाम की फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा। संदिग्ध APK फाइल इंस्टॉल करना फोन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
बैंकिंग जानकारी चोरी होने का डर
भारत सरकार ने अपनी चेतावनी में बताया था कि ऐसे मैलवेयर वाले ऐप फोन की जानकारी तक चोरी-छिपे पहुंच बना सकते हैं। इनके जरिए OTP, बैंक PIN और दूसरी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। कुछ मामलों में यूजर की जानकारी के बिना बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर किए जाने का भी खतरा बताया गया था।
Meta की अपनी Policy में भी रोक
Meta की विज्ञापन नीति में वयस्क नग्नता और यौन गतिविधियों से जुड़े विज्ञापनों पर रोक है। इसके अलावा धोखाधड़ी या लोगों को ठगने के लिए बनाए गए विज्ञापनों की भी अनुमति नहीं है। इसके बावजूद ऐसे Ads का Facebook और Instagram पर दिखाई देना प्लेटफॉर्म की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
साइबर फ्रॉड से बढ़ रही चुनौती
भारत में ऑनलाइन ठगी और मैलवेयर का खतरा लगातार बड़ा मुद्दा बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में साइबर फ्रॉड के कारण भारत में लोगों को करीब 2.4 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ऐसे में सोशल मीडिया पर दिखने वाले संदिग्ध Ads और अनजान APK फाइलों से सावधान रहना बेहद जरूरी है।
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