By Malay Ojha | Published: 01 September 2026 at 04:03 PM
वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंगलवार को पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने एनडीआरएफ की नाव से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने नमो घाट से नाव के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और प्रशासन की ओर से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन लोगों के साथ खड़ा है।
पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी आदि केशव घाट के आगे से आगे बढ़े और सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहना समेत कई इलाकों का निरीक्षण किया। नाव से किए गए इस दौरे में अधिकारियों ने तटवर्ती इलाकों में जलभराव, जलस्तर और प्रभावित आबादी की स्थिति को करीब से देखा।
अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम सत्येंद्र कुमार ने संबंधित विभागों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी होनी चाहिए और हालात बिगड़ने पर लोगों को बिना देरी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखी जाए।
नाव और राहत संसाधन तैयार रखने को कहा
जिलाधिकारी ने राहत और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को पर्याप्त नावों और अन्य जरूरी इंतजामों को तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
पुलिस और NDRF को लगातार निगरानी के आदेश
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की।
राहत शिविरों में पहुंचे कमिश्नर और डीएम
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद दोनों अधिकारियों ने प्राथमिक विद्यालय सलारपुर, विकासखंड चिरईगांव और विद्या विहार इंटर कॉलेज सलारपुर, रसूलगढ़ में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने शिविर में रह रहे परिवारों से बातचीत की और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
भोजन-पानी से लेकर स्वास्थ्य तक की व्यवस्था पर नजर
अधिकारियों ने राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी, बिजली, रोशनी, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को शिविर में किसी तरह की परेशानी न हो।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान
डीएम ने शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों का खास ध्यान रखने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम को नियमित स्वास्थ्य जांच करने और जरूरी दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। साफ-सफाई बनाए रखने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को भी लगातार निगरानी करने को कहा गया।
राहत शिविरों में CCTV लगाने के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों ने राहत शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित माहौल के साथ जरूरी सुविधाएं लगातार मिलती रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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