By aryavartalive | Published: 01 September 2026 at 10:47 PM
सीपीआई(एम) के पूर्व राज्य सचिव, स्वतंत्रता सेनानी और पार्टी के पूर्व केंद्रीय कमिटी सदस्य गणेश शंकर विद्यार्थी की 102वीं जयंती पर उनकी आत्मकथा ‘मार्क्सवाद मेरा संघर्ष पथ’ का विमोचन किया गया। पटना स्थित सीपीआई(एम) के राज्य कार्यालय में आयोजित समारोह में पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य अशोक धावले ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी स्वतंत्रता आंदोलन के योद्धा होने के साथ-साथ किसान और मजदूरों के बड़े नेता थे।
समारोह का उद्घाटन करते हुए अशोक धावले ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने बिहार में पार्टी संगठन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। राज्य सचिव के तौर पर उन्होंने बिहार के अलग-अलग हिस्सों में संगठन का विस्तार किया और आम लोगों के मुद्दों को पार्टी की राजनीति के केंद्र में रखा।
उन्होंने कहा कि जमींदार परिवार में जन्म लेने के बावजूद गणेश शंकर विद्यार्थी पर सामंती सोच का असर नहीं पड़ा। सादगी उनके जीवन की पहचान रही और गरीबों, किसानों व मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना ही उनके राजनीतिक जीवन का मुख्य उद्देश्य रहा।
तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि के बाद हुआ पुस्तक विमोचन
खचाखच भरे सभागार में कार्यक्रम की शुरुआत गणेश शंकर विद्यार्थी के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उनकी आत्मकथा ‘मार्क्सवाद मेरा संघर्ष पथ’ का विमोचन किया गया। पुस्तक की संपादक मृणालिनी ने भी मंच पर मौजूद नेताओं के साथ विमोचन में हिस्सा लिया।
कई दलों के नेताओं ने साझा किए विचार
समारोह की अध्यक्षता सीपीआई(एम) के राज्य सचिव ललन चौधरी ने की। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत करते हुए गणेश शंकर विद्यार्थी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में राजद के राष्ट्रीय महासचिव आलोक मेहता, सीपीआई के राज्य नेता विजयनाथ मिश्रा, निवेदिता, माले के के.डी. यादव, वीआईपी के प्रदेश अध्यक्ष बालगोबिन्द बिंद, कर्मचारी महासंघ के वेंकटेश शर्मा, शिक्षाविद व्यास जी, केंद्रीय कमिटी सदस्य अवधेश कुमार और सर्वोदय शर्मा समेत कई लोगों ने अपने विचार रखे।
परिवार ने भी आयोजन में निभाई अहम भूमिका
समारोह में अजय कुमार (विधायक), अहमद अली, मनोज कुमार चंद्रवंशी, प्रमुराज नारायण राव, शशिकांत राय, विनोद कुमार, संजय कुमार, अनुपम कुमार, रामपरी, श्याम भारती और रंधीर यादव समेत कई लोग मौजूद रहे।
आयोजकों के मुताबिक समारोह की सफलता में गणेश शंकर विद्यार्थी के परिवार के सदस्यों ने भी पार्टी के राज्य नेतृत्व के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके संघर्ष, सादगी और आम लोगों के अधिकारों के लिए किए गए काम को याद किया।
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