By Malay Ojha | Published: 01 September 2026 at 07:45 PM
बिहार में आने वाले वर्षों में बिजली की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने बताया कि राज्य ने अब तक 9,475 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक बिजली मांग पूरी की है। अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2037 तक यह मांग करीब 19,033 मेगावाट पहुंच सकती है। उन्होंने निवेशकों से बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने और राज्य के विकास में भागीदार बनने की अपील की।
भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 2026 का बिहार तेजी से बदल रहा है। राज्य ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीक अपना रहा है और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बिजली का ढांचा मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से बिहार में निवेश के लिए आगे आने को कहा।
स्मार्ट मीटर से बिजली व्यवस्था में सुधार
मंत्री ने बताया कि बिहार में 94 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इससे बिजली की खपत और बिलिंग की निगरानी बेहतर हुई है। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटरिंग और अन्य सुधारों के चलते राज्य में एटीएंडसी बिजली नुकसान 59-60 प्रतिशत से घटकर 11.54 प्रतिशत से नीचे आ गया है।
2037 तक दोगुनी से ज्यादा हो सकती है मांग
बढ़ती आबादी, शहरीकरण, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बिजली की जरूरत लगातार बढ़ रही है। सरकार का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में यह मांग और बढ़ेगी। इसी को देखते हुए उत्पादन, भंडारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
2.5 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा सोलर सिस्टम
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि आने वाले महीनों में 2.5 लाख पात्र बीपीएल परिवारों को 1.1 किलोवाट क्षमता के मुफ्त रूफटॉप सोलर सिस्टम दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इन परिवारों को अपनी बिजली जरूरतों के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
परमाणु ऊर्जा पर भी विकल्प तलाश रहा बिहार
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बिहार परमाणु ऊर्जा के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की बिजली क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के साथ चर्चा की जा रही है। राज्य की रणनीति में नवीकरणीय ऊर्जा के साथ बैटरी भंडारण और पंप्ड स्टोरेज जैसी तकनीकों को भी शामिल किया जा रहा है।
पंप्ड स्टोरेज और बैटरी पर बड़ा जोर
बिहार पावर पवेलियन में राज्य की भविष्य की ऊर्जा योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इसमें नवादा में प्रस्तावित 1,200 मेगावाट के पंप्ड स्टोरेज प्लांट और लखीसराय के कजरा में 301 मेगावाट सोलर परियोजना के साथ 523 मेगावाट आवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की योजना प्रमुख रही।
डिजिटल तकनीक से उपभोक्ता सेवाएं होंगी बेहतर
पवेलियन में स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिजली प्रबंधन और रूफटॉप सोलर की निगरानी से जुड़ी तकनीकें भी प्रदर्शित की गईं। रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी, पारदर्शी बिलिंग, मोबाइल आधारित सेवाओं और 4G कनेक्टिविटी के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
ऊर्जा योजनाओं की भी दिखाई गई झलक
ऊर्जा मंत्री ने बिहार पावर पवेलियन का उद्घाटन कर वहां प्रदर्शित परियोजनाओं और तकनीकों की जानकारी ली। इस दौरान ENERGDRIVE के अगस्त 2026 अंक और ‘India’s Power & Energy Transformation Outlook’ रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, नीति निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और निवेशक मौजूद रहे।
निवेशकों को हर संभव सहयोग का भरोसा
शैलेश कुमार ने कहा कि बिहार में आने वाले निवेशकों को सरकार की ओर से जरूरी सहयोग और सुविधाएं देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल बिजली की बढ़ती मांग पूरी करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना भी है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

