By Malay Ojha | Published: 02 September 2026 at 08:51 PM
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बुधवार का दिन विद्यार्थियों के लिए कई गतिविधियों से भरा रहा। कहीं छात्रों ने रूसी भाषा के उच्चारण और शब्द बनाने का तरीका सीखा तो कहीं संविधान निर्माण में आम लोगों की भूमिका पर चर्चा हुई। इसी दिन 88 विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग कराई, जबकि रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 722 छात्राओं ने पंजीकरण कराया।
अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग और रूस की कोज्मा मिनिन स्टेट पेडागॉजिकल यूनिवर्सिटी के संयुक्त कार्यक्रम के तीसरे दिन विद्यार्थियों को रूसी भाषा और संस्कृति की जानकारी दी गई। प्रो. नतालिया ने रूसी वर्णमाला, व्याकरण और सही उच्चारण समझाया। उन्होंने ध्वनियों के उतार-चढ़ाव और शब्दों के उच्चारण की बारीकियां भी बताईं। वहीं डॉ. दारया ने स्वर-व्यंजन के उच्चारण और रूसी अक्षरों से शब्द बनाने का अभ्यास कराया। छात्रों ने रूसी भाषा में अपना नाम लिखना भी सीखा।
रूस की संस्कृति और वास्तुकला पर भी चर्चा
कार्यक्रम में रूस के प्रमुख शहरों में मौजूद मंदिरों और मस्जिदों की वास्तुकला तथा उनकी सांस्कृतिक खासियतों पर भी बात हुई। विद्यार्थियों को भाषा सीखने के साथ रूस की संस्कृति और सामाजिक विविधता को समझने का मौका मिला।
संविधान को सिर्फ किताब तक सीमित न रखें
राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से ‘भारतीय संविधान के निर्माण में जनभागीदारी’ विषय पर विशेष व्याख्यान हुआ। यूनिवर्सिटी ऑफ हर्टफोर्डशायर, यूके के डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि संविधान केवल कानून विशेषज्ञों की देन नहीं है, बल्कि इसमें देश की जनता की आकांक्षाओं और संघर्षों की भी झलक मिलती है। उन्होंने संविधान सभा की करीब 2 साल 11 महीने 18 दिन चली प्रक्रिया और जनता से मिले सुझावों की भूमिका पर चर्चा की।
विद्यार्थियों से मूल्यों को जीवन में उतारने की अपील
डॉ. कुमार ने छात्रों से कहा कि संविधान को केवल परीक्षा का विषय न मानें। स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय जैसे मूल्यों को रोजमर्रा के जीवन में अपनाना जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद आरिफ ने की।
88 विद्यार्थियों ने कराई प्रवेश काउंसिलिंग
काशी विद्यापीठ में बुधवार को विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 88 विद्यार्थियों ने काउंसिलिंग पूरी कर ऑनलाइन शुल्क जमा किया। प्रवेश सेल की उप समन्वयक प्रो. नलिनी श्याम कामिल ने बताया कि 3 सितंबर को एमएड, एमए अंग्रेजी, पीजीडीसीए, एमएसडब्ल्यू, एमए समाजशास्त्र, एमए पत्रकारिता एवं जनसंचार, एमए इतिहास, एमए मनोविज्ञान और एमकॉम की काउंसिलिंग होगी।
3 सितंबर को काउंसिलिंग, दस्तावेज लेकर पहुंचना होगा
जिन अभ्यर्थियों को ई-मेल पर लिंक भेजा गया है, उन्हें गेट पास, मूल प्रमाण-पत्रों की एक फोटो कॉपी, चार स्टाम्प साइज फोटो और अपडेटेड कैटेगरी सर्टिफिकेट के साथ सुबह 10:30 बजे निर्धारित संकाय में पहुंचना होगा। प्रवेश से जुड़ी नई जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है।
स्कूटी योजना में 722 छात्राओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर भी बुधवार को बड़ी संख्या में छात्राएं आगे आईं। योजना के नोडल अधिकारी एवं सहायक कुलसचिव अरिन्दम श्रीवास्तव के अनुसार कुल 722 छात्राओं ने पंजीकरण कराया, जबकि 516 छात्राओं का आधार वेरिफिकेशन पूरा हुआ है। 684 छात्राओं को मैसेज भेजे जा चुके हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 3 सितंबर को रजिस्ट्रेशन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की अंतिम तिथि है। ऐसे में योजना के लिए पात्र छात्राओं को निर्धारित समय तक अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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