By aryavartalive | Published: 16 September 2026 at 09:31 PM
बिहार के 1520 भूमिहीन और भवनविहीन स्कूलों के लिए जल्द नए भवन बनाने की दिशा में पहल तेज हो सकती है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर इन स्कूलों के भवन निर्माण के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। तिवारी ने बताया कि इन स्कूलों के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है।
मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री ने राज्य में चल रही डिजिटल शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने 3818 ICT लैब के सुचारू संचालन के लिए 91.63 करोड़ रुपये की आवर्ती राशि और लंबित गैर-आवर्ती राशि जल्द जारी करने का अनुरोध किया। इसके अलावा पहले से संचालित 784 ICT लैब के लिए 18.82 करोड़ रुपये की आवर्ती राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी।
PM श्री स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव
मिथिलेश तिवारी ने PM श्री स्कूलों में 227 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, 525 स्कूलों के खराब शौचालयों की मरम्मत और 836 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड व इंटरैक्टिव लर्निंग पैनल लगाने के लिए अतिरिक्त राशि देने का आग्रह किया। बैंड यूनिफॉर्म के लिए भी जरूरी राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
1275 स्कूलों के विज्ञान लैब का मामला भी उठा
बैठक में 1275 स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक स्थलों को जल्द मंजूरी देने की मांग की गई। शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति के लिए फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम के संचालन हेतु 8.29 करोड़ रुपये की आवर्ती राशि जारी करने का अनुरोध भी किया गया।
छह DIET को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की मांग
शिक्षा मंत्री ने भोजपुर, गया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, समस्तीपुर और औरंगाबाद के छह DIET को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए 50.80 करोड़ रुपये की स्पिलओवर राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इसके साथ ही उल्लास कार्यक्रम की अवधि 2027 से 2032 तक बढ़ाने की मांग भी रखी।
प्रह्लाद जोशी से पहली मुलाकात
प्रह्लाद जोशी के केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद मिथिलेश तिवारी की उनसे यह पहली मुलाकात थी। तिवारी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए अपनी पुस्तक ‘वन्दे मातरम्’ की प्रति भी भेंट की। केंद्रीय मंत्री ने रखी गई मांगों को सुना और आगे आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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