By Malay Ojha | Published: 18 September 2026 at 04:46 PM
वाराणसी के सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 50 से ज्यादा टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। विश्वविद्यालय के मुख्य भवन प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कुलसचिव राकेश कुमार ने मरीजों को अपने हाथों से पोषण सामग्री दी। कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों के पोषण में सहयोग के साथ टीबी को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
यह कार्यक्रम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से आयोजित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई।
टीबी मरीजों के पोषण पर दिया जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव राकेश कुमार ने कहा कि टीबी से जूझ रहे लोगों को इलाज के साथ पोषण संबंधी सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया रखने की अपील की।
समाज की भागीदारी जरूरी
राकेश कुमार ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मरीजों को सहयोग और भरोसा देने के साथ उनके पोषण का ध्यान रखना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
जागरूकता बढ़ाना भी कार्यक्रम का हिस्सा
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. विधु द्विवेदी ने बताया कि पोषण पोटली देने के साथ लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करना भी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी सहयोग से मरीजों के स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है और उनके प्रति समाज में सहयोग की भावना मजबूत होती है।
शिक्षक और कर्मचारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, डॉ. रानी द्विवेदी, पीआरओ शशीन्द्र मिश्र, डॉ. कंचन मिश्रा समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. विधु द्विवेदी ने किया।
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