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3 डिसमिल जमीन की उम्मीद में CM सचिवालय पहुंच रहे लोग, CPI(M) ने आवेदन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

By aryavartalive | Published: 18 September 2026 at 02:56 PM

पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर तीन डिसमिल जमीन मिलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में भूमिहीन और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग पहुंच रहे हैं। CPI(M) के राज्य सचिव मंडल सदस्य मनोज कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में पार्टी की टीम ने सचिवालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवेदन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

CPI(M) का दावा है कि कई महिलाएं बच्चों के साथ जमीन के लिए आवेदन जमा करने पहुंच रही हैं। पार्टी के मुताबिक, आवेदन लेने वाले काउंटर पर पहले से छपी रसीद दी जा रही है और आवेदन तथा रसीद के बीच स्पष्ट मिलान नहीं दिख रहा है। पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सरकार से स्थिति साफ करने की मांग की है।

सरकार की जमीन योजना भी है लागू
दरअसल, बिहार सरकार ने अभियान बसेरा-2 के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए वासभूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। सरकारी पोर्टल के मुताबिक पात्रता की जांच के बाद सरकारी जमीन उपलब्ध होने पर उसका आवंटन किया जाता है। जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में न्यूनतम तीन डिसमिल जमीन के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है।

30 हजार परिवारों को जमीन देने का लक्ष्य
सरकार ने अगस्त 2026 में 30 हजार भूमिहीन परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन देने का लक्ष्य बताया था। इससे पहले 5,446 परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन के बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

आवेदन को लेकर भ्रम की स्थिति
हालांकि, मुख्यमंत्री सचिवालय में पहुंच रही भीड़ को लेकर प्रकाशित एक तथ्य-जांच रिपोर्ट में सामने आया कि वहां लिए जा रहे आवेदन में तीन डिसमिल जमीन देने वाली किसी विशेष योजना का उल्लेख नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, सचिवालय में सामान्य शिकायत आवेदन भी लिए जा रहे थे, जिनमें जमीन समेत अलग-अलग समस्याएं दर्ज की जा सकती हैं।

CPI(M) ने सरकार से मांगी स्पष्ट जानकारी
मनोज कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि अगर सरकार पात्र गरीब परिवारों को जमीन देने के लिए आवेदन ले रही है तो लोगों को इसकी पूरी और सही जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन के नाम पर बिचौलियों द्वारा गरीबों से पैसे लिए जा रहे हैं। पार्टी ने मुख्यमंत्री से सचिवालय के बाहर जुट रही भीड़ को देखते हुए स्थिति स्पष्ट करने और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।

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3 डिसमिल जमीन की उम्मीद में CM सचिवालय पहुंच रहे लोग, CPI(M) ने आवेदन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

By aryavartalive | Published: 18 September 2026 at 02:56 PM

पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के बाहर तीन डिसमिल जमीन मिलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में भूमिहीन और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग पहुंच रहे हैं। CPI(M) के राज्य सचिव मंडल सदस्य मनोज कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में पार्टी की टीम ने सचिवालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवेदन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

CPI(M) का दावा है कि कई महिलाएं बच्चों के साथ जमीन के लिए आवेदन जमा करने पहुंच रही हैं। पार्टी के मुताबिक, आवेदन लेने वाले काउंटर पर पहले से छपी रसीद दी जा रही है और आवेदन तथा रसीद के बीच स्पष्ट मिलान नहीं दिख रहा है। पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सरकार से स्थिति साफ करने की मांग की है।

सरकार की जमीन योजना भी है लागू
दरअसल, बिहार सरकार ने अभियान बसेरा-2 के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए वासभूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। सरकारी पोर्टल के मुताबिक पात्रता की जांच के बाद सरकारी जमीन उपलब्ध होने पर उसका आवंटन किया जाता है। जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में न्यूनतम तीन डिसमिल जमीन के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है।

30 हजार परिवारों को जमीन देने का लक्ष्य
सरकार ने अगस्त 2026 में 30 हजार भूमिहीन परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन देने का लक्ष्य बताया था। इससे पहले 5,446 परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन के बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

आवेदन को लेकर भ्रम की स्थिति
हालांकि, मुख्यमंत्री सचिवालय में पहुंच रही भीड़ को लेकर प्रकाशित एक तथ्य-जांच रिपोर्ट में सामने आया कि वहां लिए जा रहे आवेदन में तीन डिसमिल जमीन देने वाली किसी विशेष योजना का उल्लेख नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, सचिवालय में सामान्य शिकायत आवेदन भी लिए जा रहे थे, जिनमें जमीन समेत अलग-अलग समस्याएं दर्ज की जा सकती हैं।

CPI(M) ने सरकार से मांगी स्पष्ट जानकारी
मनोज कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि अगर सरकार पात्र गरीब परिवारों को जमीन देने के लिए आवेदन ले रही है तो लोगों को इसकी पूरी और सही जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन के नाम पर बिचौलियों द्वारा गरीबों से पैसे लिए जा रहे हैं। पार्टी ने मुख्यमंत्री से सचिवालय के बाहर जुट रही भीड़ को देखते हुए स्थिति स्पष्ट करने और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।

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