By Malay Ojha | Published: 18 September 2026 at 06:52 PM
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर जेडीयू में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह जेडीयू के एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन से इनकार कर चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच मतभेद की जड़ें करीब 11 साल पुरानी बताई जाती हैं।
इस कहानी का बड़ा पड़ाव 2015 का विधानसभा चुनाव था। उस समय नीरज कुमार जेडीयू के उम्मीदवार थे, जबकि अनंत सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। नतीजे में अनंत सिंह को 54,005 वोट मिले और नीरज कुमार को 35,657 वोट। अनंत सिंह ने 18,348 वोट के अंतर से चुनाव जीता। चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने अनंत सिंह की राजनीतिक और आपराधिक छवि को लेकर कई तीखी टिप्पणियां की थीं।
2019 का AK-47 मामला भी बना बड़ा मोड़
अगस्त 2019 में पुलिस ने अनंत सिंह के लदमा स्थित पैतृक आवास से AK-47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में अनंत सिंह पर केस दर्ज हुआ और बाद में अदालत ने उन्हें दोषी भी ठहराया। उस समय अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें फंसाने की साजिश में ललन सिंह और नीरज कुमार समेत कुछ लोग शामिल थे। इन आरोपों को संबंधित लोगों की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
व्यक्तिगत बयानबाजी ने भी बढ़ाई तल्खी
दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद के साथ व्यक्तिगत बयानबाजी भी होती रही है। नीरज कुमार की ओर से अनंत सिंह को लेकर की गई पुरानी टिप्पणियां समय-समय पर विवाद का कारण बनीं। हाल के दिनों में भी मोकामा और अनंत सिंह की राजनीति को लेकर नीरज कुमार के पुराने बयानों का जिक्र फिर से सामने आया है।
जेडीयू में वापसी के बाद भी नहीं बनी बात
अनंत सिंह बाद में जेडीयू में लौटे और 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मोकामा से उम्मीदवार बनाया। इसके बावजूद नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच दूरी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। 2026 के पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में यह पुराना मतभेद फिर खुलकर सामने आ गया, जब अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ रुख अपनाते हुए अनुज सिंह का समर्थन किया।
सोनू-मोनू विवाद ने भी बदला समीकरण
जनवरी 2025 में मोकामा के नौरंगा गांव में अनंत सिंह के समर्थकों और सोनू-मोनू से जुड़े लोगों के बीच गोलीबारी की घटना हुई थी। इस पूरे मामले के बाद भी मोकामा की स्थानीय राजनीति में गुटों के समीकरण चर्चा में रहे। हालांकि, नीरज कुमार की इस मामले में भूमिका को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों को स्थापित तथ्य की तरह नहीं रखा जा सकता।
अब एमएलसी चुनाव पर टिका पूरा विवाद
फिलहाल विवाद का सीधा असर पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव पर दिख रहा है। अनंत सिंह सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के विरोध की बात कह चुके हैं, जबकि नीरज कुमार ने भी उनके आरोपों का जवाब दिया है। जेडीयू नेतृत्व की ओर से दोनों के बीच मतभेद कम करने की कोशिश की गई है, लेकिन शुक्रवार तक दोनों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी जारी रही।
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