By Malay Ojha | Published: 18 September 2026 at 06:07 PM
बिहार के राजगीर में शुक्रवार को 18वीं राष्ट्रीय विद्युत समिति (NPC) की एक दिवसीय बैठक हुई। बैठक में देश के एकीकृत पावर ग्रिड को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के साथ अलग-अलग क्षेत्रीय विद्युत समितियों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। बढ़ती बिजली मांग और नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए ग्रिड संचालन को लेकर कई अहम मुद्दे उठाए गए।
बैठक का उद्घाटन केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने किया। पूर्वी क्षेत्रीय विद्युत समिति (ERPC) के अध्यक्ष और बिहार के ऊर्जा सचिव-सह-BSPHCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में विभिन्न क्षेत्रीय समितियों, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन कंपनियों, लोड डिस्पैच सेंटर तथा संबंधित संस्थाओं के अधिकारी शामिल हुए।
ग्रिड व्यवधान की निगरानी और सुधार पर चर्चा
बैठक में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर बिजली ग्रिड में आने वाली दिक्कतों की निगरानी और उनके कारणों के विश्लेषण पर चर्चा हुई। ऐसे मामलों के आधार पर जरूरी सुधारों की सिफारिश करने और क्षेत्रीय समितियों के बीच काम करने के तरीके में एकरूपता लाने पर भी जोर दिया गया।
बढ़ती बिजली मांग के बीच तकनीक पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि बिजली की मांग बढ़ने और रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ पावर सिस्टम पहले की तुलना में ज्यादा जटिल हो रहा है। ऐसे में बिजली की मांग का बेहतर अनुमान, आधुनिक तकनीक और अलग-अलग एजेंसियों के बीच लगातार तालमेल जरूरी है।
अतिरिक्त बिजली क्षमता के इस्तेमाल पर भी बात
बैठक में उपलब्ध अतिरिक्त बिजली क्षमता का जरूरत वाले क्षेत्रों में बेहतर इस्तेमाल करने पर भी चर्चा हुई। मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाने के लिए PUShP पोर्टल जैसी पहलों पर विचार किया गया। इसका उद्देश्य उपलब्ध बिजली क्षमता का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करना है।
अजय यादव ने ERS को मजबूत करने पर दिया जोर
बिहार के ऊर्जा सचिव अजय यादव ने कहा कि समिति के फैसलों और समीक्षा से देश में बिजली ग्रिड के सुरक्षित और सुचारु संचालन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने Energy Restoration System (ERS) को और मजबूत करने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, बिहार में हाल की आपदा के दौरान बिजली आपूर्ति को जल्दी बहाल करने में ERS से मदद मिली।
समय पर फैसलों को लागू करने का संकल्प
बैठक में संबंधित संस्थाओं ने समिति की सिफारिशों और फैसलों को तय समय में लागू करने पर सहमति जताई। बिहार में ऊर्जा क्षेत्र के विकास और ग्रीन एनर्जी से जुड़े प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
कई केंद्रीय और क्षेत्रीय संस्थाओं के अधिकारी पहुंचे
बैठक में बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी के अलावा CEA, ERPC, NERPC, NRPC, WRPC, SRPC, Grid-India, CTUIL और Powergrid के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
2013 में हुआ था NPC का गठन
राष्ट्रीय विद्युत समिति का गठन विद्युत मंत्रालय ने 25 मार्च 2013 को किया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर पावर ग्रिड की सुरक्षा और विश्वसनीयता से जुड़े मामलों में एक समान व्यवस्था विकसित करना है। समिति का सचिवालय CEA के अंतर्गत National Power Committee Division में है और इसकी अध्यक्षता CEA के अध्यक्ष करते हैं। अंतर-क्षेत्रीय बिजली व्यवस्था और एक से ज्यादा क्षेत्रीय समितियों से जुड़े मामलों में समन्वय करना भी NPC की जिम्मेदारी है।
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