By Malay Ojha | Published: 18 September 2026 at 06:37 PM
जेडीयू की शुक्रवार को हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। बैठक की अध्यक्षता नीतीश कुमार ने की। इसमें पार्टी के विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए। बैठक के बाद नेताओं से जब इस गैरमौजूदगी और पार्टी के मौजूदा समीकरणों को लेकर सवाल किया गया तो अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
बैठक के बाद पूर्व मंत्री और विधायक अजीत कुमार ने कहा कि ललन सिंह को इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए था। उन्होंने ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर के नहीं आने को लेकर कहा कि इससे अच्छा संदेश नहीं गया, हालांकि उन्होंने साथ ही दावा किया कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक है। अजीत कुमार के मुताबिक बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और नेताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया।
निशांत कुमार की लीडरशिप पर भी सवाल
बैठक के बाद निशांत कुमार की पार्टी में भूमिका को लेकर भी नेताओं से सवाल किए गए। मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के नेता हैं। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि नीतीश कुमार और निशांत कुमार के अलावा पार्टी का नेता कौन है। उनके इस बयान के बाद बैठक में निशांत की भूमिका को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
बैठक में साथ नजर आए नीतीश और निशांत
जेडीयू के इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार के साथ निशांत कुमार भी मौजूद रहे। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक का आधिकारिक स्वरूप प्रबोधन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का था। इसमें विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को सदन की कार्यप्रणाली और विभिन्न मुद्दों की जानकारी दी गई।
पार्टी के फैसले पर नीतीश की बात मानी जाएगी
वरिष्ठ विधायक हरि नारायण सिंह ने बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही। मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के फैसले नीतीश कुमार के नेतृत्व में होंगे और संगठन उसी के अनुसार आगे बढ़ेगा। वहीं, अनंत सिंह से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी अपने उम्मीदवार के साथ रहेगी।
नीरज कुमार को लेकर भी उठा सवाल
मंत्री बुलो मंडल से जब अनंत सिंह और जेडीयू के एमएलसी उम्मीदवार नीरज कुमार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे मामले को देख रही है। दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर जेडीयू के भीतर नीरज कुमार के समर्थन और अनंत सिंह के रुख को लेकर भी चर्चा चल रही है।
ललन सिंह की गैरमौजूदगी पर अलग-अलग दावे
ललन सिंह के बैठक में नहीं पहुंचने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। कुछ रिपोर्टों में उनकी गैरमौजूदगी पर विधायकों के सवाल उठाने की बात कही गई है, जबकि जेडीयू की ओर से यह भी कहा गया कि बैठक में सांसदों को आमंत्रित नहीं किया गया था। इसलिए उनकी गैरमौजूदगी को लेकर पार्टी के भीतर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक स्थिति को देखना जरूरी है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

