By Malay Ojha | Published: 29 September 2026 at 09:11 PM
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार शाम CISF कैंप में हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया। मशका इलाके में सेवा हाइडल पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात CISF के चार जवानों की मौत हो गई। मृतकों में एक असिस्टेंट कमांडेंट और एक सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक CISF जवान ने अपने साथियों पर गोली चलाई थी।
घटना बसोली इलाके के मशका गांव में स्थित पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप की है। रिपोर्टों के मुताबिक, जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद फायरिंग की घटना सामने आई। घटना के बाद संबंधित जवान को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, गोलीबारी की असली वजह अभी जांच का विषय है।
अस्पताल ले जाने के बाद मौत
फायरिंग में घायल चारों जवानों को इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश की ओर स्थित अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और CISF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। ([The Indian Express][1])
मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट और SI
मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और दो कांस्टेबल शामिल हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मृत कांस्टेबलों की पहचान संजीव कुमार और मोहम्मद रफीक के रूप में हुई है।
हिमाचल बॉर्डर के पास है इलाका
मशका क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के दूरस्थ हिस्से में हिमाचल प्रदेश की सीमा के पास स्थित है। सेवा पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए यहां CISF की तैनाती है। कठुआ जिला प्रशासन के अनुसार, सेवा नदी पर इस क्षेत्र में कई बिजली परियोजनाएं विकसित की गई हैं।
घटना की जांच जारी
फायरिंग के बाद CISF और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। गोलीबारी के पीछे क्या कारण था और घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
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