By aryavartalive | Published: 30 September 2026 at 09:07 AM
देश में सोशलिस्ट विचारधारा पर आधारित एक व्यापक राष्ट्रस्तरीय राजनीतिक मोर्चे के गठन की पहल तेज हो गई है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एवं रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पाण्डेय के समन्वय में इस दिशा में विभिन्न समाजवादी विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, करीब आधा दर्जन राजनीतिक दलों के साथ प्रारंभिक स्तर की बातचीत पूरी हो चुकी है, जबकि समान विचारधारा रखने वाले अन्य दलों के साथ भी बातचीत चल रही है। प्रस्तावित मोर्चे के साझा कार्यक्रम, संगठनात्मक स्वरूप और कॉमन एजेंडे को लेकर विचार-विमर्श जारी है।
अक्टूबर में ‘ग्रीन पाठशाला’ के दौरान बनेगा साझा एजेंडा
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) द्वारा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित होने वाली ‘ग्रीन पाठशाला’ के दौरान विभिन्न सोशलिस्ट पार्टियों के प्रतिनिधियों के एक साथ जुटने की संभावना है। इस दौरान प्रस्तावित तीसरे मोर्चे के कॉमन एजेंडा एवं भावी राजनीतिक दिशा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सूत्र के अनुसार, 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर प्रस्तावित मोर्चे को आगे बढ़ाने के लिए एक ‘राष्ट्रीय कॉर्डिनेशन कमिटी’ की घोषणा किए जाने की संभावना है।
5 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रस्तरीय सोशलिस्ट गठबंधन की घोषणा का लक्ष्य
प्रस्तावित योजना के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को दिल्ली में सोशलिस्ट विचारधारा से जुड़ी एक दर्जन से अधिक राजनीतिक पार्टियों को एक मंच पर लाकर राष्ट्रस्तरीय तीसरे मोर्चे की औपचारिक घोषणा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद भी समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनआंदोलनों से जुड़े लोगों के इस पहल से जुड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
गैर-दलीय सामाजिक-राजनीतिक संस्थाओं के लिए भी खुला रहेगा मंच
प्रस्तावित मोर्चे की एक विशेषता यह बताई जा रही है कि इसमें केवल पंजीकृत राजनीतिक दलों तक ही भागीदारी सीमित नहीं रहेगी। ऐसी सामाजिक-राजनीतिक संस्थाओं और संगठनों को भी इससे जुड़ने का अवसर मिल सकता है, जो किसी राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत नहीं हैं, लेकिन सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
इस पहल से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रस्तावित मोर्चे में शामिल होने वाले ज्यादातर दलों एवं नेताओं की सक्रियता का आधार पारंपरिक चुनावी राजनीति की अपेक्षा जनआंदोलनों और सामाजिक सरोकारों से अधिक जुड़ा रहा है।
जेपी, लोहिया और समाजवादी आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने का दावा
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के केंद्रीय संसदीय समिति के अध्यक्ष तहसीन अहमद के अनुसार, प्रस्तावित मोर्चा लोकनायक जयप्रकाश नारायण, डॉ. राममनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, यूसुफ मेहरअली, कमलादेवी चट्टोपाध्याय और अरुणा आसफ अली जैसे समाजवादी नेताओं एवं नेत्रियों की वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
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