By aryavartalive | Published: 01 October 2026 at 09:46 PM
बिहार में बाढ़ प्रबंधन को लेकर मंत्री संतोष कुमार सुमन ने राहत-बचाव के साथ दीर्घकालीन योजना पर जोर दिया। उन्होंने नदी जोड़, तटबंध सुदृढ़ीकरण और आधुनिक तकनीक से निगरानी की बात कही।
बिहार में हर साल बाढ़ से होने वाली परेशानी के बीच लघु जल संसाधन मंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर दीर्घकालीन रणनीति की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय ऐसी योजनाओं पर काम होना चाहिए, जिससे बाढ़ का असर कम किया जा सके।
डॉ. सुमन ने कहा कि बिहार में बाढ़ प्रबंधन के लिए तत्काल राहत-बचाव जरूरी है, लेकिन इसके साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी काम तेज करना होगा। उनके मुताबिक बड़ी जल समस्याओं का समाधान दूरगामी सोच और एकीकृत योजना से किया जा सकता है।
दामोदर घाटी परियोजना का दिया उदाहरण
मंत्री ने दामोदर घाटी परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े स्तर पर जल प्रबंधन की योजनाओं से बाढ़ जैसी चुनौतियों से निपटने के साथ पानी का उपयोग भी बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ने की परिकल्पना को बिहार की जरूरतों के मुताबिक आगे बढ़ाने की बात कही।
तटबंधों और नदियों की लगातार निगरानी
उन्होंने प्रमुख नदियों और तटबंधों के नियमित सर्वेक्षण पर जोर दिया। संवेदनशील जगहों को पहले से चिह्नित कर उन्हें मजबूत करने, जलनिकासी की व्यवस्था सुधारने और जलस्तर की लगातार निगरानी करने की जरूरत बताई। साथ ही बाढ़ की आशंका पर लोगों तक समय रहते सूचना पहुंचाने वाली व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही।
तकनीक से मजबूत होगी बाढ़ की तैयारी
सुमन के मुताबिक आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक नदी प्रबंधन को बाढ़ नियंत्रण की योजनाओं का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। तटबंधों की मजबूती, नदी प्रशिक्षण, सुरक्षित स्थानों का विकास, तकनीकी ऑडिट और परियोजनाओं की समय पर निगरानी को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।
नेपाल से आने वाली नदियों पर भी फोकस
उन्होंने नेपाल से बिहार आने वाली नदियों के मामले में केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय को जरूरी बताया। उनका कहना है कि सीमा पार से आने वाले पानी के प्रबंधन के लिए पहले से बेहतर तालमेल और योजना जरूरी है।
बाढ़ के पानी का भी हो बेहतर इस्तेमाल
मंत्री ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के साथ अतिरिक्त पानी का उपयोग सिंचाई और जल उपलब्धता बढ़ाने में किया जा सकता है। इसके लिए नदी प्रबंधन, जल संरक्षण और उपयोगी नदी जोड़ परियोजनाओं पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
सरकार की प्राथमिकता तैयारी और सुरक्षा
डॉ. सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार की प्राथमिकता राहत के साथ पहले से तैयारी करने और लंबे समय के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा बिहार तैयार करना है, जहां बाढ़ की चुनौती के बावजूद लोगों की सुरक्षा और विकास की रफ्तार बनी रहे।
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